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टाइटलर मुंह नहीं दिखाएंगे

टाइटलर मुंह नहीं दिखाएंगे

नई दिल्ली. 12 अप्रैल 2013

जगदीश टाइटलर


1984 में 3 सिखों की हत्या के आरोपी कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर ने कहा है कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं तो वे राजनीति छोड़ देंगे. टाइटलर ने कहा कि अगर उनके खिलाफ आरोप भी तय हो गया तो वे पार्टी में अपना मुंह नहीं दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि जब तक उनके खिलाफ लगे आरोपों में दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता, तब तक वे कोई पद नहीं लेंगे.

उधर न्यूयार्क स्थित मानवाधिकार संगठन सिख फॉर जस्टिस ने कहा है कि वह दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो के पूर्व प्रमुख जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित करने का अनुरोध करेंगे. संगठन ने आरोप लगाया है कि टाइटलर सीबीआई का दुरुपयोग कर सकते हैं. ऐसे में इस जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है.

गौरतलब है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान गुरुद्वारा पुलंगबश में तीन सिखों की हत्या में नानावटी आयोग ने जगदीश टाइटलर को जिम्मेवार ठहराया था. लेकिन इस मामले की जाँच करने के बाद सीबीआई ने जगदीश टाइटलर को क्लीनचिट देते हुए सितंबर 2007 में निचली अदालत में अपनी क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. जिसे पहले 2007 में खारिज कर दिया गया लेकिन सीबीआई ने 2009 में फिर टाइटलर को क्लीनचिट देते हुए क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की जिसे निचली अदालत द्वारा स्वीकार कर लिया गया था.

निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ खिलाफ दंगा पीड़ितों ने अर्जी दी थी. न्यायालय के समक्ष सीबीआई के वकीलों ने अर्जी को खारिज करने का अनुरोध करते हुए दलील पेश की कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि 1 नवंबर, 1984 को टाइटलर उत्तरी दिल्ली के गुरुद्वारा पुलबंगश के पास मौजूद नहीं थे और वे उस समय दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निवास पर थे. लेकिन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दाखिल सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट को खारिज कर दिया और जगदीश टाइटलर की जाँच फिर शुरु कर उन पर फिर मुकदमा चलाने को कहा है. अब अदालत के इस फैसले को लेकर जगदीश टाइटलर लगातार सफाई दे रहे हैं.


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