पहला पन्ना >राजनीति >पाकिस्तान Print | Share This  

मुशर्रफ पाकिस्तान छोड़ेंगे?

मुशर्रफ पाकिस्तान छोड़ेंगे?

इस्लामाबाद. 17 अप्रैल 2013

परवेज मुशर्रफ


पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की चितराल से चुनाव लड़ने की उम्मीद खत्म होने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. जिस उम्मीद के साथ परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान लौटे थे, वह अब खटाई में पड़ती जा रही है. इधर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि मुशर्रफ एक बार फिर पाकिस्तान से वापस लंदन या दुबई भाग सकते हैं.

असल में मुशर्रफ को उम्मीद थी कि पाकिस्तान लौटने के बाद आम जनता उन्हें सिर-आंखों पर बैठाएगी. लेकिन पाकिस्तान आने के बाद उनके साथ एक के बाद एक जिस तरह की मुश्किलें सामने आती जा रही हैं, उससे वे परेशान हैं.

सबसे पहले तो उन्हें अदालतों के चक्कर ने परेशानी में डाला. इसके बाद चार जगहों से नामांकन भरने के बाद तीन के नामांकन रद्द हो गये. मुशर्रफ ने कराची, इस्लामाबाद, कसूर और चितराल से नामांकन भरा था. कराची, इस्लामाबाद, कसूर के नामांकन अदालत ने पहले ही रद्द कर दिये थे. इस पर भी उनकी उम्मीद चितराल सीट से लगी हुई थी, जहां मंगलवार को एक चुनाव ट्रिब्यूनल ने चुनाव लड़ने पर पानी फेर दिया. चुनाव ट्रिब्यूनल ने उनके चुनाव लड़ने को अवैध करार देते हुये उन्हें चुनाव की दौड़ से ही बाहर कर दिया.

अब कहा जा रहा है कि परवेज मुशर्रफ ट्रिब्यूनल के ताज़ा फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे. लेकिन लाख टके का सवाल है कि अगर यह अपील भी काम नहीं आई तो क्या होगा ? राजनीतिक गलियारों में विरोधी और जानकार मान कर चल रहे हैं कि अगर ऐसा हुआ तो मुशर्रफ एक बार फिर 2008 की तरह मुल्क छोड़ के भाग सकते हैं. हालांकि पाकिस्तान की अदालत ने उनके मुल्क से बाहर जाने पर रोक लगा रखी है. लेकिन पाकिस्तान से इलाज के बहाने दूसरे मुल्कों में जाने की कोशिशें होती रहती हैं और ऐसी कोशिश तो मुशर्रफ कर ही सकते हैं.