पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अंतराष्ट्रीय >पाकिस्तान Print | Share This  

गिरफ्तारी का आदेश सुन फरार हुए मुशर्रफ

गिरफ्तारी का आदेश सुन फरार हुए मुशर्रफ

इस्लामाबाद. 18 अप्रैल 2013. बीबीसी

वाको धमाका


पाकिस्तान में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व सैन्य राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की गिरफ्तारी का आदेश दिया है. अदालत ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखने के मामले में दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने परवेज़ मुशर्रफ़ की अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया.

बताया जा रहा है कि अदालत ने जिस समय यह आदेश दिया, उस समय मुशर्रफ़ अदालत में ही मौजूद थे लेकिन इस्लामाबाद थाना पुलिस ने, जहां यह मामला दर्ज है, कोई कार्रवाई नहीं की.

इसके बाद, परवेज़ मुशर्रफ़ अपने सुरक्षा दस्ते के साथ बिना गिरफ्तारी दिए ही अदालत से फरार हो गए. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को जजों के सामने पेश होने का आदेश दिया था. वकीलों ने अदालत में मांग की थी कि जनरल मुशर्रफ़ पर अपने शासन काल के दौरान आपातकाल लागू करने और 2007 में वरिष्ठ जजों को बर्खास्त करने का मुक़द्दमा चलाया जाना चाहिए.

हाल ही में, जजों की बर्खास्तगी के मामले पर परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था, "उस वक्त मैं लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने की कोशिश कर रहा था और उस कोशिश में कुछ कड़ी कार्रवाइयां करनी पड़ीं, जो मैंने कीं.जजों की बर्ख़ास्तगी का मामला उस वक्त की जरूरत थी, इसलिए ऐसा करना सही था."

जनरल मुशर्रफ़ को 2008 में सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद वो विदेश चले गए थे जहां वो निर्वासन की जीवन जी रहे थे. लेकिन मई में होने वाले आम चुनाव में शिरकत करने के लिए वो पाकिस्तान लौटे हैं.पर उनका सभी जगह से नामांकन रद्द हो चुका है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in