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सारे फैसले मनमोहन की सलाह से लिए: राजा

सारे फैसले मनमोहन की सलाह से लिए: राजा

नई दिल्ली. 19 अप्रैल 2013

ए. राजा


2जी घोटाले में आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा का कहना है कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम से जुड़े सभी फैसले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह-मशवरे से ही लिए. उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद को जरूर बेकसूर साबित करेंगे और इसके सुबूत में वो एक हफ्ते के अंदर 100 पेजों की विस्तृत दलील संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने रखेंगे.

उल्लेखनीय है कि 2जी घोटाले की जाँच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने अपनी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए राजा को ही इसके लिए जिम्मेदार बताया है. रिपोर्ट में कहा गया है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने झूठे आश्वासन देकर कदम-कदम पर गुमराह किया.

इस रिपोर्ट में नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कैग) के द्वारा 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन को व्यर्थ बताते हुए खारिज कर दिया गया है. इस रिपोर्ट में राजा को 7 जनवरी 2008 को प्रेस नोट में फर्जीवाड़ा करने का दोषी बताया गया है और कहा गया है कि तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल जीई वाहनवती के देखने के बाद प्रेस नोट में राजा के द्वारा बदलाव करवाया गया था.

गुरुवार को जेपीसी की रिपोर्ट के बाहर आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है. मुखअय विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे कांग्रेस का मसौदा बताते हुए इसे खारिज कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि यूपीए के पहले शासनकाल में तत्कालीन दूर संचार मंत्री रहे ए. राजा पर आरोप है कि उन्होंने 2 जी स्पेक्ट्रम को नीलामी की बजाय 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर बेचकर सरकारी खजाने को 1.77 लाख करोड़ रुपये का चूना लगाया था.

इसके घोटाले में आरोपी बने ए. राजा को 15 महीनों की जेल की हवा भी खानी पड़ी थी और अभी वे जमानत पर छूटे हुए हैं. हालांकि ए राजा बार-बार अपनी सफाई में ये कहते रहे हैं कि 2008 में 2जी मोबाइल नेटवर्क के लाइसेंस आवंटन के लिए उन्होंने जिन नीतियों का पालन किया उसके बारे में हमेशा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम को जानकारी देते रहते थे.