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कोल ब्लॉक आवंटन में पारदर्शिता का अभाव

कोल ब्लॉक आवंटन में पारदर्शिता का अभाव

नई दिल्ली. 23 अप्रैल 2013

कोयला घोटाला


कोयले और स्टील से जुड़े मामलों के लिए गठित स्टैंडिंग कमेटी ने कहा है कि वर्ष 1993 से 2008 के बीच सभी कोल ब्लॉकों को अनाधिकारिक तरीके से आवंटित किया गया है. कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की है कि ऐसे सभी कोल ब्लॉक आवंटनों को रद्द कर दिया जाए जिनमें उत्पादन शुरु होना बाकी है. यह रिपोर्ट मंगलवार को संसद में पेश की जाएगी.

इस रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉक आवंटन प्रक्रिया में बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं बरती गई है और न ब्लॉकों से सरकार को किसी भी प्रकार के राजस्व की प्राप्ति नहीं हुई. इसमें कहा गया है कि 1993 से 2004 के आवंटन बिना किसी विज्ञापन या सावर्जनिक सूचना के किए गए हैं और 2004 से 2008 के आवंटनों को भले ही वेबसाइट पर दर्शाया गया लेकिन इनमें भी पारदर्शी निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई.

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी की अध्यक्षा वाली इस कमिटी ने यह भी कहा है कि इस आवंटन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी व्यक्तियों की जांच की जानी चाहिए और उनके खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकार द्वारा कोल ब्लॉकों की प्रतिस्पर्धी तरीके से नीलामी न कराने की वजह से प्राइवेट कंपनियों को 1 लाख 85 हजार 591 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ और सरकार को इतने का ही नुकसान हुआ.