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पुलिस का बर्ताव जानवरों जैसा: सुप्रीम कोर्ट

पुलिस का बर्ताव जानवरों जैसा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. 25 अप्रैल 2013

कोयला घोटाला


पुलिस महकमे द्वारा आम लोगों के साथ की जा रहीं ज्यादतियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लगता है कि देशभर की पुलिस जानवरों जैसा बर्ताव कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने गुड़िया रेप कांड का विरोध कर रही युवती को दिल्ली पुलिस के एसीपी द्वारा थप्पड़ मारे जाने और अलीगढ़ पुलिस द्वारा एक वृद्ध महिला को पीटे जाने की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया है.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के गुड़िया रेप कांड का विरोध कर रही युवती बीनू रावत को दिल्ली पुलिस के एसीपी बी.एस.अहलावत ने अस्पताल के अंदर प्रवेश करने से रोकते वक्त थप्पड़ों से पीट दिया था. इस पिटाई से युवती के कान से खून निकलने लगा था. मामले के तूल पकड़ने के बाद एसीपी को निलंबित कर दिया गया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना पर दिल्ली पुलिस को हलफनामा दर्ज करने को कहा है और इसके लिए उसे 26 अप्रैल तक का समय दिया है.

एक अन्य घटना में अलीगढ़ शहर में एक 6 वर्षीय बच्ची से कथित बलात्कार और हत्या के मामले का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था जिसमें वहां के एसपी सिटी ने एक बुजुर्ग महिला को धक्का देकर गिराया और डंडे से पीटा था. सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना पर भी उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने निहत्थे महिलाओं की ऐसी पिटाई की घटनाओं पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसी कार्रवाई कैसे की जा सकती है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले महीने भी सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने पुलिस सुधार हेतु दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वन के बारे में कई राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था.


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