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नीतीश सरकार का कॉपीराइट उल्लंघन से इंकार

नीतीश सरकार का कॉपीराइट उल्लंघन से इंकार

पटना. 27 अप्रैल 2013. बीबीसी

तीसरी कसम


बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है कि उसने अपने प्रचार कार्यक्रमों के सिलसिले में 60 के दशक की फ़िल्म 'तीसरी क़सम' का प्रदर्शन करके किसी कॉपी राइट का उल्लंघन किया है. इस फिल्म में राज कपूर और वहीदा रहमान ने काम किया है. राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग के निदेशक दुर्गेश नंदन के अनुसार बिहार सरकार ने 1979 में ही इस फ़िल्म की 16 एमएम प्रिंट ख़रीद कर उसे दिखाने का अधिकार हासिल कर लिया था .

'तीसरी क़सम' के प्रोड्यूसर और गीतकार शैलेन्द्र के छोटे पुत्र दिनेश शंकर शैलेन्द्र ने राज्य के मुख्य सचिव को हाल ही एक ई -मेल भेज कर उन्हें अपनी आपत्ति से अवगत कराया है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि "मेरे पिता (स्वर्गीय शैलेन्द्र) बिहार के ही भोजपुर इलाक़े के मूल निवासी थे . इसलिए उस माटी से जुड़े व्यक्ति के साथ अन्याय दुखद है और राज्य सरकार को चाहिए कि सम्बंधित फिल्म-प्रदर्शन के लिए उचित कम्पनसेशन (मुआवजा) की व्यवस्था करे". उनका कहना है कि सम्बंधित फ़िल्म निर्माता से अनुमति लिए बिना राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में इस फ़िल्म को दिखाया जा रहा है, जो 'कॉपी राइट एक्ट' के ख़िलाफ़ है .

इस पर विभागीय सचिव बृजेश मेहरोत्रा ने कहा है ''अन्याय या मुआवजे का सवाल इसलिए नहीं उठता है क्योंकि लगभग चालीस वर्षों से राज्य का जनसंपर्क विभाग कुछ अन्य फ़िल्मों के साथ-साथ इस फ़िल्म को भी गाँव-गाँव में दिखाता आ रहा है. इन्हें दिखाने का विधिसम्मत अधिकार राज्य सरकार को प्राप्त है. इसकी ख़रीदी हुई '16 एमएम प्रिंट' जब ख़राब होने लगी तो उसे डिजिटल फॉरमैट में बदला गया .''

राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग के ' ऑडियो-वीडिओ पब्लिसिटी वैन' के ज़रिये विभिन्न पंचायतों में इस फ़िल्म को अन्य ओडियो-वीडियो प्रचार सामग्रियों के साथ जोड़कर दिखाया जा रहा है . उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि सरकारी विकास कार्यक्रमों का प्रचार देखते-सुनते समय लोगों का आकर्षण बना रहे . राज्य की कुल आठ हज़ार पंचायतों में से अबतक 650 पंचायतों में ऐसा प्रदर्शन हो चुका है .

लेकिन फ़िल्म के प्रोड्यूसर की तरफ़ से सम्बंधित आपत्ति-पत्र मिलने के बाद कुछ दिनों के लिए इसके प्रदर्शन को रोक दिया गया है. साथ ही दिनेश शैलेन्द्र को राज्य सरकार की तरफ़ से जवाबी पत्र भेजने की तैयारी हो रही है. मशहूर उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु रचित कहानी ' मारे गए गुलफ़ाम ' पर आधारित फ़िल्म ' तीसरी क़सम ' के कथा-सूत्र बिहार से जुड़े हुए हैं.


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