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पिटाई के बाद कोमा में सरबजीत सिंह

पिटाई के बाद कोमा में सरबजीत सिंह

इस्लामाबाद. 27 अप्रैल 2013

कोयला घोटाला


पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में साथी कैदियों के हमले का शिकार हुआ भारतीय कैदी सरबजीत सिंह कोमा में चला गया है. लाहौर के जिन्ना अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सरबजीत सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है. डॉक्टरों ने कहा है कि सरबजीत की हालत स्थिर होने से पहले उसकी सर्जरी नहीं की जाएगी.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में कथित रूप से 3 बम विस्फोट करने का आरोपी ठहराए गए सरबजीत सिंह शुक्रवार शाम अपने बैरक से टहलने के लिए निकला था. यहां एक कैदी से उसकी किसी बात पर बहस हो गई और उसने वहां मौजूद अन्य कैदियों के साथ मिल कर सरबजीत पर जानलेवा हमला कर दिया.

मारपीट के दौरान इन कैदियों ने ईंट, ब्लेड और टीन के टुकडों का इस्तेमाल कर सरबजीत के चेहरे, गर्दन, धड़ पर अनगिनत वार किए. इसके अलावा हमले में सरबजीत के सिर में भी गंभीर चोटें आईं. घटना के बाद पहले सरबजीत का इलाज जेल में ही किया गया लेकिन उसकी हालत बिगड़ती देख बाद में जिन्ना अस्पताल भेजा गया.

शनिवार सुबह इस बात की अफवाह भी फैली थी कि सरबजीत की जिन्ना अस्पताल में मृत्यु हो गई है लेकिन पाकिस्तान सरकार और अस्पताल प्रशासन दोनों ने इससे इंकार किया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दावा भी किया कि सरबजीत अभी कोमा में और वेंटिलेटर पर हैं.

हादसे के बाद कोट लखपत जेल के दो कैदियों आमेर आफताब और मुद्दसर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. वहीं सरबजीत सिंह की बहन दलजीत कौर ने इसे साजिश के तहत किया गया हमला बताया है. उनका कहना था कि अफज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद से ही हमने आशंका जताई थी कि सरबजीत पर हमला किया जा सकता है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने उसे सुरक्षा प्रदान नहीं की.


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