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मुशर्रफ पर सेना के तीखे तेवर

मुशर्रफ पर सेना के तीखे तेवर

इस्लामाबाद. 28 अप्रैल 2013

परवेज मुशर्रफ


पाकिस्तान में जनरल परवेज मुशर्रफ के मुद्दे पर सेना और सरकार के बीच तनातनी शुरु हो गई है. सेना ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मुशर्रफ के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर सरकार नहीं संभली तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सेना ने कहा है कि जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ संविधान के खिलाफ जा कर काम किया जा रहा है.

संसद की रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष मुसाहिद हुसैन सईद से पाकिस्तानी सेना के कमान और स्टाफ कॉलेज क्वेटा के करीब 75 अधिकारियों ने मुलाकात कर के कहा है कि पूर्व सेनाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को जिस तरह से बंद कर के रखा गया है, उससे सेना में नाराजगी है. सेना के जवानों का मनोबल गिर रहा है.

कर्नल सकी अली चीमा के नेतृत्व में पहुंचे सेना के इन अधिकारियों का कहना था कि पाकिस्तान के संविधान में किसी संस्थान को देश के किसी दूसरे संस्थान या प्रतिष्ठित व्यक्ति को इस तरह से प्रताड़ित करने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान में जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ जो कुछ हो रहा है, वह सेना को नीचा दिखाने की तरह है और इसे सेना बर्दाश्त नहीं करेगी.

जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1998 में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था और लगातार उन्होंने 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया. इससे पहले 2001 में मुशर्रफ ने खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया था. लेकिन 2008 में देश में बनते राजनीतिक दबाव के कारण वे पाकिस्तान से खुद ही निर्वासित हो कर लंदन और दुबई चले गये थे, जहां से इसी महीने उनकी पाकिस्तान वापसी हुई है.

परवेज मुशर्रफ के खिलाफ पाकिस्तान की अलग-अलग अदालतों में कई मुकदमें हैं. 2006 में बलोच नेता अकबर खान बुगटी की मौत और 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में पाकिस्तान की पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की बात कही थी. दिसंबर 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में रालवपिंडी की अदालत ने उन्हें अदालत में तलब किया था लेकिन वे अदालत में नहीं आये. इसके बाद रावलपिंडी की इस अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया था.

पंजाब सरकार ने पहले ही कह रखा था कि अगर मुशर्रफ ने मुल्क में कदम रखा तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इन सबों के बाद जब मुशर्रफ पाकिस्तान लौटे तो उनपर 60 जजों को बर्खास्त कर उन्हें नजरबंद करने के मामले में गिरफ्तार करके उन्हें उनके फार्महाउस में ही नजरबंद कर के रखा गया है.