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हरीश भादाणी का निधन

हरीश भादाणी का निधन

बीकानेर, 2 अक्टूबर 2009.

 

सुप्रसिद्ध जनकवि हरीश भादाणी का शुक्रवार की सुबह यहां तड़के निधन हो गया. वे 79 वर्ष के थे. 1960 से 1974 तक ‘वातायन’ का संपादन करने वाले हरीश भादाणी ने हिंदी और राजस्थानी में लगातार लेखन किया और इन दोनों भाषाओं में उनके 20 से अधिक कविता संग्रह हैं. शिक्षा को केंद्र में रख कर उन्होंने कई किताबें लिखी हैं. लेखन के लिए उन्हें राजस्थान साहित्य अकादमी, बंगाल अकादमी के सम्मान के अलावा के के बिडला फाऊंडेशन का बिहारी सम्मान भी दिया गया था. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे.

उनके परिवार में तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं. उनकी इच्छा के अनुरूप उनकी पार्थिव देह को शनिवार को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के छात्रों के अध्ययन के लिए सौंपी जाएगी.

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Sanjay Binnani (binnanisanjay@yahoo.in) Kolkata

 
 इस समाचार के साथ हरीशजी की रचना-यात्रा के बारे में भी कुछ जानकारियां होनी चाहिए थी. 
   

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