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बांग्लादेश में औरतों का दबदबा

बांग्लादेश में औरतों का दबदबा

ढाका. 1 मई 2013

शिरीन शर्मिन चौधरी


बांग्लादेश में शिरीन शर्मिन चौधरी को संसद की अध्यक्ष चुने के साथ ही बांग्लादेश की सत्ता के चार शीर्ष पदों में से तीन पर महिलाओं का कब्जा हो गया है. शिरीन शर्मिन चौधरी बांग्लादेश संसद की पहली महिला अध्यक्ष बनी हैं. इससे पहले वे महिला एवं बाल विकास की मंत्री पद पर काम कर चुकी हैं.

सत्ताधारी आवामी लीग की सदस्य शिरीन शर्मिन चौधरी के अलावा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री की कुर्सी पर शेख हसीना हैं जबकि मुख्य विपक्षी दल बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा ज़िया हैं. इस तरह सत्ता में राष्ट्रपति पद को छोड़ कर सभी तीनों शीर्ष पद महिलाओं के पास हैं.
47 वर्षीय शिरीन ने ढाका युनिवर्सिटी से स्नातक किया है और उन्होंने ब्रिटेन से पीएचडी की है. उनके पिता रफीकुल्लाह प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान के सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुके हैं.

हालांकि शिरीन शर्मिन चौधरी की नियुक्ति का विपक्षी दलों ने भारी विरोध किया है. यहां तक कि सत्ताधारी दल यानी शिरीन की पार्टी में भी एक बड़ा तबका उनसे नाराज है. कई नेताओं का मानना है कि जब पार्टी में उनसे कहीं अधिक समझदार लोग थे तो ऐसे अपरिपक्व को अध्यक्ष पद पर बैठाना संसदीय परंपरा को कमजोर कर सकता है.

इधर शर्मिन चौधरी की नियुक्ति से नाराज मदरसा के इस्लामी गुट ने रविवार को 20 लाख समर्थकों के साथ गैर इस्लामी कानूनों के खिलाफ रैली करने की घोषणा की है. यहां यह गौरतलब है कि महिलाओं से संबंधित कानून के निर्माण में शर्मिन चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. मतलब ये कि कानून के विरोध की आड़ में दरअसल शर्मिन चौधरी की नियुक्ति को ही निशाना बनाने की कोशिश की जाएगी.


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