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मंजीत के चक्कर में मारा गया सरबजीत

मंजीत के चक्कर में मारा गया सरबजीत

नई दिल्ली. 2 मई 2013

सरबजीत सिंह


पाकिस्तान सरकार ने मुल्तान और लाहौर में हुये बम विस्फोट में जिस मंजीत सिंह को जिम्मेवार ठहराया गया था, उसे आज तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका. उसकी जगह शराब पी कर गलती से सीमा पार कर चले गये सरबजीत सिंह को ही पाकिस्तान सरकार ने मंजीत बताती रही और उसे फांसी की सजा सुना दी. अंतर्राष्ट्रीय दबाव में फांसी की सजा पर अमल नहीं हो सका तो उसे कैदियों ने मार डाला.

सरबजीत सिंह ने अपने वकील अवैस शेख को इस संबंध में एक मार्मिक चिट्ठी लिखी. पत्र में उसने अपनी आपबीती बयान की थी. उसने लिखा था कि पाकिस्तान के सरकारी संस्थान यानी पुलिस और कोर्ट उसे सरबजीत सिंह से मंजीत सिंह बनाने पर तुले हुए थे, जबकि वह खुद मंजीत सिंह के बारे में नहीं जानता था और उसने पाकिस्तान में क्या किया था, इसका भी इल्म उसे नहीं था.

उसने लिखा था, "जेल का स्टाफ और पुलिस और यहां तक कि जेल में बंद कैदी भी मुझे हिकारत भरी नजरों से देखते थे. वे मुझे धमाके करने वाला मानते थे."

सरबजीत ने पाकिस्तानी वकील अवैस शेख का धन्यवाद देते हुए लिखा कि उन्होंने असली मंजीत सिंह को ढूंढ निकाला था. जब सरबजीत को पकड़कर मंजीत सिंह बनाया तो उस वक्त असली मंजीत सिंह इंग्लैंड और कनाडा की सैर कर रहा था. लेकिन बाद में वह पकड़ा गया.

उसने लिखा, "पाकिस्तान में मैं गलती से दाखिल हो गया था. लेकिन मुझे लगता था कि मैं जल्द ही छूट जाऊंगा. मैंने कोई जुर्म नहीं किया था, सिर्फ बॉर्डर ही तो पार किया था. पाकिस्तान के कानून बनाने वालों ने मुझे मंजीत सिंह बना कर पेश किया."

लेकिन सरबजीत और उसके वकील की सुनी नहीं गई और सरबजीत को ही मनजीत बता कर पाकिस्तान सरकार ने 28 सालों तक जेल में बंद रखा. अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा पर अमल नहीं हो पाया तो उसे कैदियों ने मार डाला. लेकिन सवाल अब भी है कि वह मंजीत कहां गया, जिसकी कीमत सरबजीत को जान गवां कर चुकानी पड़ी?

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

gaurav sharma [sharma01gaurav@gmail.com] meerut - 2013-05-03 04:54:09

 
  ये सरबजीत की नहीं बल्कि हर उस इंसान की हत्या है जो ये सोचता है कि हमाला देश हमारे साथ है. कहां है कोई पावर जो निर्दोष सरबजीत को बचा सकी. बस मरने के बाद पैसा दे दो, नौकरी दे दो. सरबजीत का गुनाह बार्डर पार करना था या हिंदुस्तानी होना. मुझे बहुत दुख है.  
   
 

AJAY PANDEY [] PATORA, SURGUJA - 2013-05-03 02:45:18

 
  पाकिस्तान ने सरबजीत सिंह के साथ नाइंसाफी की है. 
   
 

MUKESH RANA [MKRANAROCKSTAR@GMAIL.COM] JODHPUR - 2013-05-02 08:16:39

 
  मुझे बड़ा दुख है कि गलती मनजीत की थी और सज़ा सरबजीत को दी गई. इसलिए मनजीत मिलने पर उसे फांसी दी जाए.  
   
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