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सरकारी कंपनिया भी मनी लॉंड्रिंग में शामिल

सरकारी कंपनिया भी मनी लॉंड्रिंग में शामिल

नई दिल्ली. 6 मई 2013

money laundering


वेबसाइट कोबरापोस्ट के हवाले से दावा किया गया है कि मनी लॉंड्रिंग के गोरखधंधे में निजी बैंक ही नहीं बल्कि कई सरकारी बैंक और निजी कंपनियां भी शामिल हैं. इससे पहले मार्च माह में एक स्टिंग ऑपरेशन रेडस्पाइडर के द्वारा कोबरापोस्ट के पत्रकार अनिरुद्ध बहल ने पता लगाया था कि निजी क्षेत्र के एचडीफीसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक फेमा के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ब्लैक मनी जमा करते हैं.

अब कोबरापोस्ट ने एक और स्टिंग ऑपरेशन रेडस्पाइडर-2 के द्वारा पता लगाया है कि कालेधन को सफेद बनाने के इस काम में 23 से अधिक सरकारी बैंक और बीमा कंपनियां शामिल हैं. कोबरापोस्ट ने अपने दावे के पक्ष में इस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो क्लिपिंग्स भी उपलबध कराए हैं.

कोबरापोस्ट के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), केनरा बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई, यस बैंक, फेडरल बैंक, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, डीसीबी बैंक, देना बैंक, धनलक्ष्मी बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, ओरियेंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी), इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे बैंकों के अलावा रिलायंस लाइफ, टाटा एआईजी और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) जैसी बीमा कंपनियों में नियमों का ताक पर रखकर हवाला का कारोबार चल रहा है.

कोबरापोस्ट ने इसके लिए पिछले छह महीनों के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इन बैंकों और बीमा कंपनियों में जाकर सुबूत इकठ्ठा किए हैं. कोबरा पोस्ट का कहना है कि इस काले धंधे में इन बैंकों के उच्च स्तर के अधिकारियो से लेकर निचले स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं.

कोबरा पोस्ट के अनिरुद्ध बहल ने पहले चरण में उनके द्वारा किए गए खुलासों पर कोई खास कार्रवाई न करने पर रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि बैंक और बीमा कंपनियों के अधिकारी स्वयं कैमरे पर कह रहे हैं कि वे पहले कई बार ऐसा कर चुके हैं और हमारे लिए भी करेंगे लेकिन रिज़र्व बैंक और वित्त मंत्रालय मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है.


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