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नवाज क्या करेंगे मुशर्रफ के साथ?

नवाज क्या करेंगे मुशर्रफ के साथ?

इस्लामाबाद. 12 मई 2013

नवाज शरीफ


पाकिस्तान में नवाज शरीफ की सत्ता में वापसी के बाद अब यह सवाल फिर से खड़ा हो गया है कि क्या मुशर्रफ के बुरे दिन अब शुरु होने वाले हैं ? तीसरी बार पाकिस्तान की सत्ता संभालने जा रहे नवाज शरीफ को पिछली बार जनरल परवेज मुशर्रफ ने न केवल सत्ता से बेदखल कर दिया था बल्की उन्हें देश से भी निकाल बाहर कर दिया था. अब जबकि पाकिस्तान की जनता ने नवाज शरीफ को सत्ता सौंप दी है और मुशर्रफ न्यायपालिका के हाथों बुरी तरह से पराजित होने के बाद नजरबंदी काट रहे हैं तो संभव है कि नवाज शरीफ भी उनके ही अंदाज में उनसे निपटें.

गौरतलब है कि 1998 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान का सेना प्रमुख बनाया था लेकिन नवाज शरीफ जब श्रीलंका के दौरे पर गये थे तब 1999 में मुशर्रफ ने तख्ता पलट दिया और भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर नवाज शरीफ को 2000 में देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया. नवाज शरीफ अपनी जान बचा कर पाकिस्तान से भागे थे.

अब नवाज शरीफ सत्ता में फिर से लौट कर आये हैं. पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में नवाज़ शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है. हालांकि नवाज शरीफ के सुर थोड़े नरम हैं. चुनाव परिणाम आने के बाद नवाज शरीफ ने कहा कि हमें अल्लाह का शुक्रिया करना चाहिए कि उसने हमारी पार्टी को आपकी सेवा का एक और अवसर दिया है. मैं सभी पार्टियों से अपील करता हूं कि वे हमारे पास आकर बैठें और देश की समस्याएं हल करने का प्रयास करें.

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य हैं. उनमें से 272 चुन कर आते हैं. बाकी 70 सीटें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. हर पार्टी को जीती हुई सीटों के अनुपात में इन 70 सीटों में हिस्सा मिलता है और वह अपने सदस्य नियुक्त कर सकती है. नवाज शरीफ की पार्टी को अभी तक 107 सीटें मिली हैं.