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32 की सनी लियोन की 39 फिल्में

32 की सनी लियोन की 39 फिल्में

नई दिल्ली. 13 मई 2013

सनी लियोन


पोर्न फिल्मों की स्टार सनी लियोन 32 की हो गई और अब सब तरफ उनकी राम कहानी छाई हुई है. लेकिन जो बात नहीं कही जा रही है वह यह कि सनी लियोन को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जिस भूकंप की तरह पेश करने की कोशिश की गई थी, वह असफल हो गई. सनी ने कुल जमा 39 पोर्न फिल्मों में काम किया है लेकिन हिंदी फिल्मों में उन्हें अब तक पहचान नहीं मिल पाई है.

सनी लियोन को सबसे पहले बिग बॉस में लाया गया था, जिसके बाद वह मोहित सूरी की फिल्म 'कलयुग' में काम करने वाली थीं लेकिन उनके सलाहकारों ने उन्हें समझा दिया कि वह बहुत तहलका मचा सकती हैं, इसलिये अपनी प्राइस बढ़ा कर रखें. कहा जाता है कि उन्होंने मोहित सूरी से एक मिलियन डॉलर की मांग की. जाहिर है, मोहित सूरी ने उन्हें इसके लिये मना कर दिया.

इसके बाद भट्ट कैंप ने उन्हें लेकर जिस्म-2 फिल्म बनाई. फिल्म भी ऐसी, जिसके बनने से पहले तरह-तरह की कहानियां फैलाई गईं. कई दार्शनिक दावे किये गये. लेकिन यह फिल्म सनी लियोन का भला नहीं कर पाई. फिर एकता कपूर के बैनर की फिल्म रागिनी एमएमएस 2 और वेलकम 2 में उन्हें काम मिला है. लेकिन वेलकम 2 में सनी लियोन के साथ काम करने से अनिल कपूर और नाना पाटेकर ने मना कर दिया है. मतलब ये कि सनी लियोन अपने सारे साम-दाम-दंड-भेद अपना कर भी हिंदी फिल्म की दुनिया में अपनी जगह नहीं बना पाई हैं. यौन मुद्दों पर पाखंड से भरे भारतीय समाज में उन्हें खास मुकाम बनाने का अवसर मिलेगा, इसकी उम्मीद कम ही है. अभी तो उनके सामने काम के भी लाले हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

दुर्वेश [vichar2000@gmail.com] भोपाल् - 2013-05-15 07:20:05

 
  जिसे आप कला बोल रहै है वो इस देश मे अपराध माना जाता है. अगर सनी लियोन मे आपको नवप्रवर्तन दिखाइ दे रहा हे तो भगवान आपका भला करे. 
   
 

राजीव चन्‍द्र शर्मा [rajeevnastik@gmail.coom] अंबाला - 2013-05-13 14:23:50

 
  अनिल कपूर और नाना पाटेकर का व्‍यवहार अच्‍छा नहीं लगा। कला के विभिन्‍न पक्ष हो सकते हैं। भले ही सनी लियोन की अमेरिका व कैनेडा में पूर्व प्रदर्शित कला भारत के विधान के अंतर्गत प्रतिबंधित हो, उसने उसका प्रदर्शन भी विदेशों में ही किया है। हरेक की अपनी विशेषज्ञता होती है। नाना पाटेकर और अनिल कपूर भी तो अपने अपने अभिनय की खास विधा में विशेषज्ञ या कहें यथावत होते हैं। भारतीय समाज और संस्‍कृति में सेक्‍स प्रतिबंधित तथा गोपनीय विषय माना जाता है। अंतर्मन से भारतीय मानुष उस के लिए अत्‍यधिक आतुर होता है। सेक्‍स से जुड़े बालात्‍कार जैसे अपराध का गर्भित मनोवैज्ञानिक कारण ही यही है। ऐस में सनी लियोन जैसी पृथक सामाजिक सांस्‍कृतिक परिवेश से आने वाली उदार अभिनेत्रियां रूढि़वादिता तथा परंपरावादी मान्‍यताओं पर कुठाराघात कर परिवर्तन की दिशा में पहल व नवप्रवर्तन हेतु प्रशंसनीय, श्‍लाघ्‍य तथा सम्‍माननीय योगदान ही तो दे रही हैं। जिस के लिए भारतीय समाज, व्‍यवस्‍था तथा दर्शन व मनोविज्ञान को उस का आभारी होना चाहिए। 
   
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