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रैनबैक्सी पर पचास करोड़ डॉलर का जुर्माना

रैनबैक्सी पर पचास करोड़ डॉलर का जुर्माना

वॉशिंगटन. 14 मई 2013

ranbaxy


भारतीय दवा निर्माता कंपनी रैनबैक्सी पर अमरीकी न्याय विभाग ने 50 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है. कंपनी की अमरीकी इकाई पर मिलावटी दवा बनाने और बेचने के आरोप साबित हो गए थे जिसके बाद ये जुर्माना लगाया गया है. रैनबैक्सी ने भी अपने उपर लगे हुए आरोपों को स्वीकार करते हुए 50 करोड़ डॉलर यानी लगभग 2700 करोड़ रुपए का जुर्माना भरना कबूला है.

अमरीकी न्याय विभाग ने एक अधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि भारतीय जेनेरिक फार्मा कंपनी रैनबेक्सी लेबोरेटरीज की सहायक कंपनी रैनबैक्सी यूएसए ने सबसे बड़े दवा सुरक्षा समझौते में भारत में रैनबेक्सी के दो उत्पादन केन्द्रों पर बनी कुछ मिलावटी दवाओं के निर्माण और वितरण से संबंधित आरोप स्वीकार कर लिये हैं और इसके लिए कंपनी ने आपराधिक जुर्माने के तौर पर 15 करोड़ डॉलर और फॉल्स क्लेम एक्ट के तहत दावा निबटाने के लिए 35 करोड़ डॉलर का भुगतान करना स्वीकार किया है.

बताया जा रहा है कि रैनबैक्सी के पोंटा साहिब और देवास स्थित उत्पादन केंद्रों पर ये मिलावटी दवाएं बनाई जाती थीं. अमरीकी विधि मंत्रालय इस मामले का खुलासा करने वाले कंपनी के पूर्व कर्मचारी दिनेश ठाकुर को 266 करोड़ रुपए इनाम के रूप में देगा. गौरतलब है कि इससे पहले भी अमरीका में रैनबैक्सी की 30 दवाइयों को अमानक बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया गया था.