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असगर अली इंजीनियर नहीं रहे

असगर अली इंजीनियर नहीं रहे

मुंबई. 14 मई 2013

असगर अली इंजीनियर


मशहूर चिंतक और सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसायटी एंड सेक्युलरिज्म के अध्यक्ष डॉ. असगर अली इंजीनियर का मंगलवार को निधन हो गया. असगर अली इंजीनियर भारत के उन चुनिंदा इस्लामिक मुद्दों के विशेषज्ञ रहे हैं, जिन्हें दुनिया भर में सम्मान के साथ जाना जाता था.

1940 में जन्मे असगर अली ने विक्रम विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में बीएससी किया. 1980 से उन्होंने ‘इस्लामिक परिप्रेक्ष्य’ नामक एक पत्रिका का संपादन करना शुरु किया था. इस दौर में ही भारत में इस्लाम और सांप्रदायिकाता जैसे मुद्दों पर उनके लेखन के कारण उनकी एक विशिष्ठ पहचान बनी. 1993 में “सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोसायटी एंड सेक्युलरिज्म’ के नाम से एक संस्था स्थापित की. इस संस्था के वे अध्यक्ष रहे.

धर्मनिरपेक्ष पत्र-पत्रिकाओं सहित विभिन्न विषयों पर उनकी करीब 52 किताबें, कई अखबार और लेख प्रकाशित हुए हैं. उन्होंने ‘इंडियन जर्नल ऑफ सोसलिज्म’ और एक मासिक पत्रिका, ‘इस्लाम एंड मार्डन एज’ का भी संपादन किया.

उनकी असाधारण सेवा कार्यों के लिये उन्हें यूएसए इंडियन स्टूडेंट असेंबली और यूएसए इंटरनेशनल स्टूडेंट असेंबली की ओर से 1987 में सम्मानित किया गया. धार्मिक अमन चैन के लिए उन्हें 1990 में 'डालमिया अवार्ड' मिला. डॉ. असगर इंजीनियर को डॉक्टरेट की तीन सम्मानित डिग्रियों से भी नवाजा गया था.