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कान में अमिताभ की हिंदी

कान में अमिताभ की हिंदी

मुंबई. 17 मई 2013

अमिताभ बच्चन


कान के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन में अमिताभ बच्चन द्वारा हिंदी में भाषण दिये जाने को लेकर भले हिंदी का एक हिस्सा मुग्ध है लेकिन अमिताभ इस बात को जानते हैं कि बाजार में बने रहने के लिये यह केवल बाजार का जरुरी हिस्सा है. हिंदी को लेकर अमिताभ के मन में प्रेम है, इस बात से सभी वाकिफ हैं लेकिन प्रेम पर बाजार हावी हो जाता है. आखिर अमिताभ बच्चन अपना ब्लॉग भी तो अंग्रेजी में लिखते हैं, हिंदी में नहीं. आधुनिक तकनीक की यह सक्रियता बताती है कि अमिताभ अंग्रेजी में ही अपने को बेहतर तरीके से व्यक्त कर पाते हैं और बाजार के लिये यह जरुरी भी है.

गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन ने हॉलीवुड अभिनेता लियोनार्डो डी कैप्रियो के साथ कान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का का उद्घाटन किया था और अपना भाषण हिंदी में दिया था. वे वहां अपनी हॉलीवुड फिल्म ‘द ग्रेट गेट्सबी’ के प्रीमियर के लिए पहुंचे हैं. अमिताभ का कहना था कि कान भारतीय सिनेमा की 100 वीं सालगिरह मना रहा है, इसलिए उनके लिए ये जरूरी हो जाता है कि वे अपनी मातृभाषा में बोलें.

जाहिर है, जब अमिताभ ऐसा बोल रहे होते हैं तो इसका प्रकारांतर से यही अर्थ निकाला जा सकता है कि अमिताभ हिंदी का मान बढ़ा रहे हों. लेकिन अमिताभ भारतीय आयोजनों में तो अंग्रेजी में ही बतियाते हैं. बोलने-चलने से लेकर सपने देखने का काम अंग्रेजी में किया जाता है. ऐसे में भाषायी अस्मिता को उभारने और उसका लाभ लेने के उद्देश्य से कान में दिये गये उनके हिंदी भाषण को प्रेम से कहीं अधिक बाजार से प्रेम के बतौर देखने की जरुरत है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

प्रवीण जैन [cs.praveenjain@gmail.com] सुल्तानगंज - 2013-05-17 06:28:11

 
  सामाजिक माध्यमों पर अमिताभ भले ही हिन्दी का प्रयोग काफी कम या नगण्य ही करते हैं पर भारतीय आयोजनों में तो अंग्रेजी में ही बतियाते हैं ये आपने कहाँ देख-सुन लिया. लेख को पक्षपातपूर्ण ढंग से लिखा गया है.
अमिताभ अच्छी हिन्दी बोलते हैं और हमें इसका आभार मानना चाहिए क्योंकि उनके अलावा हिन्दी फिल्मों के किसी भी कलाकार/अभिनेता को मैंने फेसबुक-ट्विटर पर आज तक एक शब्द भी हिन्दी लिखते हुए नहीं देखा. यह दुर्भाग्य है और कृतघ्नता भी, जिस हिन्दी की खाते है और अंग्रेजी का गौरव मानते हैं. आपकी रविवार.कॉम पर भी कई स्थान पर अनावश्यक अंग्रेजी लिखी है पहले इस वेबसाइट से अंग्रेजी और रोमन के शब्दों को हटाइए और बाद में बच्चन साहब पर नुक्ताचीनी.
 
   
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