पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >खेल > Print | Share This  

खेलों में भ्रष्टाचार रोकने बनेगा नया कानून

खेलों में भ्रष्टाचार रोकने बनेगा नया कानून

नई दिल्ली. 25 मई 2013

लाल कृष्ण आडवाणी


केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि सरकार जल्द ही खेलों में फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी जैसे गोरखधंधों से निपटने नया कानून लाएगी. सिब्बल ने बताया कि ये कानून न सिर्फ क्रिकेट बल्कि बाकी अन्य खेलों में इस तरह की घटनाओं को रोकने में कारगार होगा. माना जा रहा है कि नए कानून का ड्राफ्ट 2-3 दिनों में तैयार कर लिया जाएगा और इसे मानसून सत्र में ही इसे अमलीजामा भी पहना दिया जाएगा.

सिब्बल ने बताया कि अटॉर्नी जनरल जी.ई.वाहनवती ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है क्योंकि मौजूदा कानूनों के दायरे में फिक्सिंग जैसी गतिविधियां नहीं आती और इसीलिए कई बार आरोपियों को कड़ी सज़ा नहीं मिल पाती है. उन्होंने बताया कि नया कानून में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की फिक्सिंग पर ही नहीं बल्कि कारपोरेट, अंडरवर्ल्ड और सटोरियों या अन्य कोई भी जो खेल को प्रभावित करने की कोशिश करेगा पर लागू होगा.

दरअसल काफी लंबे समय में फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए नए कानून की मांग हो रही थी क्योंकि मौजूदा कानून में ये गतिविधि जुर्म के अंतर्गत नहीं आती. इसी के चलते 1999-2000 में फिक्सिंग के मामलों में पकड़ाए खिलाड़ी और बुकियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी. बरसों से की जा रही इस मांग को आईपीएल में फिक्सिंग सामने आने के बाद बल मिला था.

शुक्रवार को ही आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला और भाजपा नेता अरुण जेटली ने सिब्बल से मिल कर नए कानून बनाए जाने की सिफाऱिश की थी जिस पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है. हालांकि आईपीएल के फिक्सिंग और सट्टेबाजी के मौजूदा मामले इस कानून के दायरे से बाहर ही रहेंगे.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

OP Maharshi [] India - 2013-05-25 18:09:49

 
  Our national law is already very big. We Want the implementation not the new law creation. If existing law is made effective by law makers and high profile people not by showing but by following and implementation, no culprit can escape unpunished. But generally it is seen that if a big person is cought, police is blammed, and if a common man is cought that is hilighted.
Let us think all togather, what is the need to make cricket on that HYPE. Why all the games are not supported by Govt equally.
There are so many questions in the mind of common man, but whome to approch. Who will listion him. All the questions will become the part of past and new scandle will again occure. Why we are morally so down.
LET US THINK OF IMPLEMENTATION INSTEAD OF NEW NEW CREATIOIN. Ambedkar sir has done enough let us make that effective.
 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in