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राजनीतिक दल भी आएंगे आरटीआई के दायरे में

राजनीतिक दल भी आएंगे आरटीआई के दायरे में

नई दिल्ली. 27 मई 2013

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केंद्रीय सूचना आयोग के ताज़ा फैसले से अब राजनीतिक पार्टियां भी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में आ जाएंगी. आयोग का कहना है कि चूंकि राजनीतिक पार्टियां सरकार से तमाम तरीके की सुविधाएं प्राप्त करती हैं इसीलिए वे भी आरटीआई के दायरे में लाई जा सकती हैं.

आयोग ने यह फैसला वकील प्रशांत भूषण, आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल और अन्य की अर्जी पर सुनाया है. आयोग ने कहा है कि सभी राजनीतिक दलों को छह महीने के अंदर ऐसे अधिकारी नियुक्त करने होंगे जो राइट टू इन्फर्मेशन याचिकाओं का जवाब देंगे.

आयोग के मुताबिक राजनीतिक पार्टियां आरटीआई की धारा 2(एच) (II) के तहत आरटीआई के अंदर आती हैं. अब इन दलों को अपनी बैठकों समेत वित्तीय जानकारी भी आरटीआई याचिकाकर्ताओं से साझा करनी पड़ सकती है. हालांकि राजनीतिक दल सेक्शन 8(1) और 7(9) में शामिल सूचनाएं बताने को बाध्य नहीं होंगे.


 


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