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जंकफूड पहुँचा रहा वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान

जंकफूड पहुँचा रहा वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान

रोम. 5 जून 2013

Junk Food


संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) का कहना है कि दुनिया की आबादी में बढ़ता मोटापा और कुपोषण दोनों ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं. अपनी वार्षिक रिपोर्ट में एफएओ ने कहा है कि पूरे विश्व में मोटापे से होने वाली जटिल बीमारियों के इलाज में सालाना 1.4 लाख करोड़ डॉलर से अधिक की रकम खर्च हो जाती है.

संगठन ने बढ़ते मोटापे के पीछे तेजी से बढ़ते शहरीकरण, सुस्त जीवनशैली और जंक फूड खाने की आदत को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है. एफएओ का कहना है कि मोटापे बढ़ने के तेज गति देशों के आर्थिक पक्ष को भी प्रभावित करती हैं विशेषकर कम और मध्यम आय वाले देशों को. उसके अनुसार यदि सरकारें स्वास्थ्य पर निवेश करें तो वे बेहतर आर्थिक और सामाजिक नतीजे हासिल कर सकती है.

एफएओ ने अपनी रिपोर्ट में कुपोषण की समस्या पर भी ध्यान दिलाया है. रिपोर्ट की माने तो वैश्विक आबादी का 12.5 प्रतिशत (लगभग 86.8 करोड़ लोग) कैलोरी और जरूरी पोषक तत्वों के हिसाब से कुपोषित हैं, जबकि विश्वभर में 26 प्रतिशत बच्चों का अच्छी तरह विकास नहीं हो पाया है.  इसके अनुसार कुपोषण के चलते उत्पादकता के ह्रास और स्वास्थ्य की देखरेख संबंधी खर्च वैश्विक जीडीपी का लगभग पांच प्रतिशत यानी 3500 अरब डॉलर के बराबर हो सकता है. एफएओ के अनुसार कुपोषण की समस्या ज्यादातर विकासशील देशों में देखने को मिल रही है.