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विद्याचरण शुक्ल का निधन

विद्याचरण शुक्ल का निधन

नई दिल्ली. 11 जून 2013

vidyacharan shukla


सुकमा की दरभा घाटी में हुए नक्सली हमले में घायल हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विद्याचरण शुक्ल (84) का निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती विद्याचरण शुक्ल की तबीयत सोमवार देर रात से ही काफी खराब चल रही थी और संक्रमण के फैलने के बाद उनके कई अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया था.

गौरतलब है कि विद्याचरण शुक्ल को 25 मई को सुकमा जिले दरभा घाटी में नक्सलियों द्वारा किए गए हमले में तीन गोलियां लगीं थी और उन्हें इलाज के लिए पहले रायपुर के निजी अस्पताल में और फिर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी. उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था और वे पिछले 12 दिनों से वेंटिलटर पर थे.

साल 1929 को रायपुर में जन्मे विद्याचरण शुक्ल कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे. वे 1957 से 1962 के बीच तीसरी लोकसभा में पहली बार लोकसभा के सदस्य चुने गए. इसके बाद वे लगातार चौथी, पाचवीं, सातवीं, आठवीं, नौवी, दसवीं लोकसभा के सदस्य रहे. शुक्ल ने अलग-अलग सरकारों में कई बार केंद्रीय मंत्री की भूमिका निभाई.

विद्याचरण शुक्ल को इंदिरा गांधी के बहुत करीबी नेता में गिना जाता था. शुक्ल इंदिरा गांधी सरकार के दौरान लगाए गए आपातकाल के समय सूचना और प्रसारण मंत्री रहे थे और इसी दौरान उन्हें मीडिया पर लगाए गई पाबंदियों के लिए काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा.  

अपने समय के सबसे ताकतवार नेताओं में गिने जाने वाले शुक्ल के बारे में माना जाता था कि वे किसी समय राजीव गांधी को हटाकर खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते थे और यही वजह रही कि उनकी मौजूदा कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से कभी नहीं बनी.


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