पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

आयकर चोरी में फंसे सिंघवी

आयकर चोरी में फंसे सिंघवी

नई दिल्ली. 18 जून 2013

अभिषेक मनु सिंघवी


कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी एक बार फिर से विवादों में आ गये हैं. अश्लील टेप के बाद अब उन पर टैक्स चोरी का आरोप लगा है. खबर के अनुसार आयकर विभाग की नोटिस के बाद सिंघवी ने 11 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय का ब्योरा भी जमा कर दिया है और इसके लिए 3.26 करोड़ रुपये का आयकर भी जमा कर दिया है.

आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अभिषेक मनु सिंघवी को 2011 में ही नोटिस जारी किया था. 2009-10 के दौरान सिंघवी ने 22.86 करोड़ रुपये की अपनी आय को लेकर कोई ब्योरा नहीं दिया था. लेकिन सिंघवी ने आयकर विभाग की इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद आयकर विभाग ने सख्ती बरती.

अभिषेक मनु सिंघवी ने एक अंग्रेजी अखबार को इस बारे में सफाई देते हुये कहा कि मेरे आयकर रिटर्न में अतिरिक्त इनकम का जिक्र नहीं किया गया था। जो शख्स मेरा अकाउंट देखता है, उसने हिसाब लगाने में गड़बडी की थी। यह लापरवाही उसकी ओर से बरती गई है. सिंघवी का कहना है कि उन्होंने 3.26 करोड़ की टैक्स देनदारी का भुगतान कर दिया है. 2010-11 की जांच रिपोर्ट के आधार पर 22.86 करोड़ की अतिरिक्त आय की बात कही जा रही है, लेकिन इस रिपोर्ट में ही कहा गया है कि अभी और जांच की जरूरत है.

हालांकि आयकर विभाग का दावा है कि अभिषेक मनु सिंघवी ने 22.86 करोड़ रुपये का ब्योरा नहीं दिया है, जिस पर उन्हें कम से कम 7 करोड़ रुपये की आयकर जमा करनी चाहिये. माना जा रहा है कि आयकर विभाग इस मामले में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है. यहां तक कि कार्रवाई नहीं किये जाने और जुर्माना नहीं वसूलने के सिंघवी की अपील को भी आयकर विभाग निरस्त कर सकता है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in