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नीतीश को बिहार में विश्वास मत

नीतीश को बिहार में विश्वास मत

पटना. 19 जून 2013

Hafeez Saeed


भाजपा नीत एनडीए गठबंधन से रिश्ता तोड़ने के बाद बिहार में अपनी सरकार बचाए रखने की कोशिश में नीतीश कुमार सफल हुए है. मंगलवार को बिहार विधानसभा में नीतीश के तरफ से पेश हुए विश्वासमत के पक्ष में 126 और विरोध में 24 वोट पड़े, नीतीश कुमार को बहुमत साबित के लिए 122 वोटों की दरकार थी जिसके लिए उन्हें वामदलों और कांग्रेस का भी समर्थन मिला.

बिहार विधानसभा में विश्वास मत पर हो रही चर्चा के दौरान भाजपा के 91 विधायकों ने नीतीश कुमार पर एनडीए को मिले जनादेश के साथ छल करने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. भाजपा विधायक दल के नेता नंदकिशोर यादव ने सदन में कहा कि हम जानते हैं कि जदयू ने बहुमत जुटा लिया है, इसीलिए हम सदन से वॉकआउट कर रहे हैं.

गौरतलब है कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए सरकार को 122 सदस्यों की जरूरत थी जिसमें से 118 विधायक तो खुद जद(यू) के ही थे. इसके अलावा राज्य के चार निर्दलीय विधायकों दुलालचंद गोस्वामी, सोम प्रकाश, पवन कुमार जायसवाल और विनय बिहारी ने पहले ही सरकार को समर्थन देने का इच्छा जता दी थी. ऐसे में विश्वासमत हासिल करना नीतीश कुमार के लिए और आसान हो गया.

विश्वासमत हासिल करने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पुरानी सहयोगी भाजपा को जी भर के कोसा. नीतीश ने कहा कि बिहार में सेक्यूलर सरकार चल रही है और चलती रहेगी. उन्होंने नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा में अधिनायकवाद हावी हो रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सदन में भाजपा विधायकों का कहना कि देश हिंदुत्व के रास्ते पर चलेगा बतलाता है कि क्यों हमें ये गठबंधन छोड़ना पड़ा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

dhanesh chaturvedi [] kanpur - 2013-06-19 14:11:38

 
  भाजपा के नीति निर्धारकों को बिहार में नीतीश विरुद्ध वोट देने चाहिए थे. जनता का विरोध सड़कों पर ही क्यों जब विधानसभा से पलायन ही करना था? 
   
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