पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

आहत आडवाणी का गला रुंधा

आहत आडवाणी का गला रुंधा

नई दिल्ली. 22 जून 2013

लालकृष्ण आडवाणी


भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपनी उपेक्षा से इतने आहत हुये हैं कि एक कार्यक्रम में बोलते-बोलते उनका गला रुंध गया. दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस आयोजित कार्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी का हवाला देते हुये आज की भाजपा की तुलना करने से भी आडवाणी नहीं चुके. इस आयोजन में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और पूर्व अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू भी वहां उपस्थित थे.

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की दूरदृष्टि थी. वह जानते थे कि कांग्रेस को दूर रखने के लिए सबको जोड़ना होगा. यही कारण था कि जनसंघ के पहले अधिवेशन में वह ओडिशा से गणतंत्र परिषद के सदस्यों को भी लेकर आए थे. आडवाणी ने कहा कि राजनीति में आज ऐसे रिश्ते खत्म हो गये हैं. भाजपा-जदयू गठबंधन के टूटने को लेकर आडवाणी ने कहा कि आजादी के बाद जब देश की राजनीति में कांग्रेस का वर्चस्व था, ऐसे समय में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना के बाद विभिन्न दलों को अपने से जोड़ने की वकालत की थी. उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस के एकाधिकार को तोड़ना है तो अन्य कांग्रेस विरोधी दलों को जोड़ना होगा.

भाजपा नेता आडवाणी ने कहा कि राजनीतिक विरोधी होने के बावजूद तत्कालीन कांग्रेस सरकार में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहेब अंबेडकर दोनों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. देश के प्रति श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए आडवाणी भावुक हो गए और लगभग दो मिनट तक उनकी आंखें डबडबाई रही और गला रुंध गया. बाद में उन्होंने खुद को काबू किया और मुखर्जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.