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नेता-ठेकेदार देते हैं नक्सलियों को पैसा-जयराम

नेता-ठेकेदार देते हैं नक्सलियों को पैसा-जयराम

रायपुर. 26 जून 2013

जयराम रमेश


केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि नेता और ठेकेदार नक्सलियों से मिले हुये हैं. ठेकेदार हर स्वीकृत ठेके का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा नक्सलियों को देते हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जीरमघाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुआ बर्बर नरसंहार राजनीतिक साजिश थी. उन्होंने कहा कि जब तक नेता, ठेकेदार और नक्सलियों के गठबंधन को तोड़ा नहीं जायेगा, तब तक सही तरीके से विकास नहीं हो सकता.

परिवर्तन यात्रा में मारे गये कांग्रेस नेताओं के परिजनों से मिल कर बस्तर से रायपुर पहुंचे जयराम रमेश ने कहा कि जानबूझकर कांग्रेसियों को निशाना बनाया गया है. नंदकुमार पटेल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना रहे थे. कुछ ताकतें नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने.

जयराम रमेश ने सवाल किया कि सिर्फ कांग्रेसियों पर ही हमले क्यों हो रहे हैं, दूसरे दलों और संगठनों के लोगों पर हमला क्यों नहीं हो रहा है?

उन्होंने कहा कि मैं कई बस्तर का कई बार दौरा कर चुका हूं, इतने दौरे तो प्रदेश के किसी मंत्री ने भी नहीं किए होंगे. दक्षिण बस्तर में स्थिति गंभीर है. सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा से गढ़चिरौली तक नक्सलियों का बोलबाला है. वहां सरपंच, पटवारी से लेकर राजनीतिक कार्यकर्ता भी नहीं जा सकते. बस्तर में भ्रष्टाचार और प्रताड़ना दोनों ही है. माओवादी राजनीतिक गतिविधियां नहीं चाहते. वे लोकतंत्र के विनाश में लगे हैं, मेरी पूरी हमदर्दी आदिवासियों के साथ है.

जयराम रमेश ने कहा कि माओवादी बंदूक के बल पर डर और आतंक फैला रहे हैं. छत्तीसगढ़ की पुलिस को मजबूत किए बिना नक्सल समस्या हल नहीं हो सकती. पंजाब में भी ऐसा ही हुआ था. सुकमा में 3 हजार पुलिस जवानों की जरूरत है, लेकिन हैं सिर्फ 1200. नक्सल समस्या राष्ट्रीय संकट है, सामूहिक जिम्मेदारी से ही इससे निपटा जा सकता है. विकास, सुरक्षा और राजनीति का तालमेल जरूरी है. छत्तीसगढ़ की सरकार को आंध्र से सीखना चाहिए, इसी रास्ते पर चलकर आंध्र ने नक्सल समस्या को काबू किया है.


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