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तोते का पिंजरा खुला

तोते का पिंजरा खुला

नई दिल्ली. 27 जून 2013

उद्धव ठाकरे


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीबीआई को स्वतंत्रता और स्वायत्ता प्रदान करने की ओर कदम बढ़ाते हुए मंत्रियों के समूह (जीओएम) की कई महत्वपूर्ण सिफारिशों को मान लिया है. बृहस्पतिवार को हुई चर्चा में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, कानून मंत्री कपिल सिब्बल, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कार्मिक राज्य मँत्री वी. नारायणसामी की सदस्यता वाले और वित्त मंत्री पी. चिंदबरम की अध्यक्षता वाले समूह की सिफारिशों पर चर्चा हुई जिसके बाद ये निर्णय लिया गया.

मंत्रियों के इस समूह को सीबीआई को स्वतंत्रता और वित्तीय स्वायत्ता प्रदान करने के बारे में सिफारिशों देने के लिए गठित किया गया था जिसने अपनी सिफारिशें सोमवार को ही तैयार कर ली थीं.

माना जा रहा है कि समूह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने सिफारिश रखी थी कि सेवानृवित्त जजों का एक पैनल बनाया जाए जो सीबीआई द्वारा की जा रही जाँच पर नज़र रखे जिससे कि ये सुनिश्चित किया जा सके कि जाँच किसी भी प्रभाव से मुक्त रहे. मंत्रिमंडल द्वारा इस सिफारिश को मान लिया गया है. हालांकि ये दण्ड प्रक्रिया संहिता के अनुसार नहीं होगा क्योंकि इसके अनुसार अभी सीबीआई का जाँच अधिकारी अदालत को रिपोर्ट करता है और कोई अन्य उसकी जाँच में दखल नहीं डाल सकता है.

इसके अलावा मंत्री समूह की एक महत्वपूर्ण सिफारिश ये भी थी कि सीबीआई के निदेशक को अधिक वित्तीय स्वायत्ता दी जाए क्योंकि उन्हें धन की मंजूरी के लिए नौकरशाहों पर निर्भर होना पड़ता है. मंत्रिमंडल द्वारा इस सिफारिश को भी मान लिया गया है. सिफारिशों को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में एक हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा जो 10 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगा.


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