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सीरिया: ईशनिंदा के आरोप में किशोर का कत्ल

सीरिया: ईशनिंदा के आरोप में किशोर का कत्ल

दमिश्क. 3 जुलाई 2013. बीबीसी

सीरिया में हिंसा


गृहयुद्ध की मार झेल रहे सीरिया के अलप्पो शहर में मोहम्मद कता नाम के एक किशोर की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि उस पर ईशनिंदा का आरोप था. विद्राहियों के कब्ज़े वाले शहर अलेप्पो में इस घटना की किसी भी समूह ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन माना जा रहा है कि हत्यारे अल क़ायदा से जुड़े एक मुख्य समूह के थे. शक की सुई उभरते हुए सबसे बड़े इस्लामी संगठन नुसरा फ्रंट की ओर भी है.

इस घटना ने विद्रोहियों के कब्ज़े वाले क्षेत्रों में इस्लामी शरिया क़ानून के बढ़ते प्रभाव को दिखाया है. हालांकि अलेप्पो के सभी विद्रोही गुटों और मुख्य शरिया अदालत ने हत्या को इस्लाम विरोधी बताते हुए इसकी निंदा की है.

सीरिया में विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच जारी संघर्ष के चलते स्कूल बंद हैं इसलिए 14 वर्षीय मोहम्मद क़ता अपने परिवार के साथ कॉफ़ी बेचने का काम करता था. बताया जा रहा है कि घटना के दिन एक आदमी ने उससे मुफ़्त में कॉफ़ी मांगी. इस पर क़ता ने हंसते हुए जवाब दिया, “अगर पैग़म्बर खुद भी आ जाएं तो भी मुफ़्त नहीं दूंगा.”

कता की इस बात को वहां से गुज़रते तीन हथियारबंद लोगों ने सुन लिया. उन्होंने उसे खींचकर एक कार में डाला और ले गए. लगभग आधे घंटे बाद वो बुरी तरह पीटे गए क़ता को लेकर वापस लौटे और सड़क पर उसकी रेहड़ी के पास पटक दिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी पैग़म्बर का अपमान करेगा, उसे शरिया कानून के मुताबिक मार दिया जाएगा.

हत्या से कता का परिवार सदमे और दहशत में है और उसे यह समझ नहीं आ रहा कि इसके लिए किस गुट को दोष दे लेकिन वो मानते हैं कि विद्रोहियों का शासन ही अंततः इसके लिए ज़िम्मेदार है. क़ता के बड़े भाई फौआद ने कहा कि सीरिया में हमारी आज़ादी बाकी नहीं रह गई है. जब अलेप्पो में शुरू-शुरू में विद्रोहियों का कब्ज़ा हुआ था तब यह थी लेकिन अब बिल्कुल नहीं रह गई है.


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