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नेशनल कॉन्फ्रेंस नहीं बनेगी एनडीए का हिस्सा

नेशनल कॉन्फ्रेंस नहीं बनेगी एनडीए का हिस्सा

श्रीनगर.  7 जुलाई 2013

अबदुल्ला उमर


जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस कभी भी एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का हिस्सा नहीं बनेगी. कभी एनडीए की वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे उमर ने रविवार को कहा कि उन्हें ऐसी कोई स्थिति दिखाई नहीं देती जिसमें भविष्य में उनकी पार्टी भाजपा नीत एनडीए के साथ ‘किसी भी तरह का गठजोड़’ करेगी.

जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेस के पास लोकसभा में तीन और राज्यसभा में दो सांसद हैं और अभी वो यूपीए का हिस्सा है. इस बारे में बोलते हुए उमर ने कहा कि उनकी पार्टी के पास केवल दो ही विकल्प है मौजूदा यूपीए और क्षेत्रीय दलों के गठबंधन वाला संयुक्त मोर्चा जिस का हिस्सा पार्टी पहले रही है. उन्होंने तीसरे मोर्चे का साथ देने की संभावना भी नकारते हुए कहा कि हम बसपा और सपा की तरह यूपीए के अनिश्चित सहयोगी नहीं है बल्कि हमेशा उसका साथ निभाने वालों में से हैं.

पूर्व में वाजपेयी सरकार के दौरान एनडीए का साथ और भविष्य में ऐसी संभावनाओं के बारे में उमर ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस के संबंध भाजपा और नेशनल कान्फ्रेंस के बीच के नहीं थे बल्कि नेशनल कान्फ्रेंस और अटल बिहारी वाजपेयी के बीच थे क्योंकि व क्षेत्रगत राजनीति से उपर उठ कर राष्ट्र हित को तरजीह देते थे और असल में राज्यों की समस्याओं को समझ कर उनका समाधान करने का प्रयास किया.

उमर ने लालकृष्ण आडवाणी के अनुच्छेद 370 हटाने संबंधी बयान को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि जब चुनाव नजदीक आते हैं तो भाजपा तीन मुद्दों को उछालने लगती है-समान नागरिक संहिता, अनुच्छेद 370 और अंतत: राम मंदिर का मुद्दा लेकिन चुनावों के बाद सहयोगियों के बनाए रखने की जुगत में इन मुद्दों को फिर भुला देगी. उमर के अनुसार एनडीए सिर्फ तीन पार्टी के समूहों तक ही सीमित है जिसके खिलाफ यूपीए को चुनावों में मनोवैज्ञानिक बढ़त प्राप्त है.


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