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ऐसिड अटैक: सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर सरकार

ऐसिड अटैक रोकने गंभीर नहीं सरकार: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली.  9 जुलाई 2013

acid attack


सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब के हमलों को रोकने उसकी ब्रिकी पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस नीति नहीं तैयार करने के लिए केंद्र सरकार को कड़ी लताड़ लगाई. न्यायमूर्ति आर एस लोढ़ा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि अगर सरकार 16 जुलाई तक राज्य सरकारों से परामर्श कर कोई ठोस नीति नहीं बनाती है तो कोर्ट स्वयं उचित आदेश पारित करेगा.

गौरतलब है कि इससे पहले 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया था और कहा था कि वह तेजाब पर प्रतिबंध लगाने से पहले वह इसकी बिक्री को नियंत्रित करने की संभावना तलाशने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मौका देना चाहता है.

खंडपीठ ने मंगलवार को साल 2006 में एसिड अटैक में बुरी तरह से घायल हुई लक्ष्मी के मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आदेश पारित होने के बाद भी सरकार तेजाब की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने के लिए बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिख रही है.

पीठ ने सरकार के रवैये पर नाराज़गी भी जताई और कहा कि ‘‘लोग मर रहे हैं लेकिन आपको इसकी परवाह नहीं है. उन लोगों के बारे में सोचिये जो रोजाना जिंदगी गंवा रहे हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में रोजाना लड़कियों पर हमले हो रहे हैं’’.

गौरतलब है कि अपनी याचिका में लक्ष्मी ने तेजाब के हमलों के लिए नया कानून बनाने या फिर भारतीय दंड संहिता, साक्ष्य कानून और अपराध प्रक्रिया संहिता में ही उचित संशोधन करके ऐसे हमलों से निबटने का प्रावधान करने और पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे की व्यवस्था बनाए जाने का अनुरोध किया था.


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