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डॉक्टर बने रिक्शेवाले ने ली मासूम की जान

डॉक्टर बने रिक्शेवाले ने ली मासूम की जान

लखनऊ. 17 जुलाई 2013.

रिक्शावाला डॉक्टर


उत्तरप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक दुखद घटना में एक सरकारी अस्पताल में एक रिक्शेवाले के द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक सात महीने के बच्चे की जान चली गई. घटना यूपी के बलिया जिले की है जहां के सरकारी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में इस बच्चे का चेचक का इलाज चल रहा था.

इलाज के दौरान बुधवार को बच्चे की हालत खराब हो गई थी जिसके बाद वहां के डॉक्टर ने पास के दवाई विक्रेता को बच्चे को इंजेक्शन लगाने को कहा जिसने इस रिक्शेवाले को ये काम सौंप दिया. राजू नाम के रिक्शेवाला जो इस समय नशे में धुत था ने बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया जिसके बाद इस बच्चे की मृत्यु हो गई.

बच्चे की मृत्यु होने के बाद परिजनों ने अस्पताल में हल्ला मचा दिया जिसके बाद अधिकरियों द्वारा मामले में लीपापोती की जाने लगी. वैसे इलाके की पुलिस अभी तक अस्पताल के डॉक्टर या रिक्शेवाले पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने मामले की जाँच के आदेश दे दिए है.

रिक्शावाला ने अपनी सफाई में कहा कि वह 15-20 सालों से ये काम कर रहा है और कई बार मरीजों के घावों में मरहम पट्टी करना, उन्हें इंजेक्शन लगाना कर चुका है. इसके अलावा वो मृत मरीजों की लाशें उठाने का काम भी करता है.

वैसे ये पहला मामला नहीं है जब बलिया के इस जिला अस्पताल में डॉक्टरों का काम कोई अप्रशिक्षित व्यक्ति कर रहा हो, इससे पहले भी एक सफाईकर्मी इस अस्पताल में मरीजों को टांके लगाता हुआ मिल चुका है लेकिन न तो राज्य के स्वास्थ्य विभाग और न ही अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया.


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