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झारखंड में हेमंत सोरेन ने जीता विश्वास मत

झारखंड में हेमंत सोरेन ने जीता विश्वास मत

रांची. 18 जून 2013

hemant soren


झारखंड के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव 37 के बदले 43 मतों से जीत लिया. हेमंत के नेतृत्व में राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस गठबंधन की सरकार का गठन 13 जुलाई को हुआ था. राज्यपाल सैयद अहमद ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर बहुमत साबित करने के लिए कहा था.

गुरुवार को हुई वोटिंग में राज्य की 82 सदस्यीय विधानसभा में 43 विधायकों ने हेमंत की ओर से लाए गए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 37 ने इसके खिलाफ मत दिया.

विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाए कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ कांग्रेस को फायदा पहुँचाने के लिए बनाया गया है और इससे किसी भी प्रकार के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती है.

विश्वास मत के दौरान चले हंगामे झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक निजामुद्दीन अंसारी बुधवार से ही लापता हैं और उन्हें संभवत: विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले सरकार के फायदे के लिए अगवा किया गया है.

इस बीच, सोरेन सरकार को उस वक्त कुछ राहत मिली जब अपहरण के एक मामले में गिरफ्तारी का सामना कर रहीं झामुमो विधायक सीता सोरेन को रांची में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के तुरंत बाद जमानत मिल गई, जिससे वह विधानसभा की कार्यवाही में भाग ले पाईं. इसके अलावा, हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे विधायक सावना लाकरा और एक अन्य मामले में जेल में बंद विधायक दल्लू महतो ने अदालत की अनुमति से विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया.


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