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फुकुशिमा के सफाईकर्मियों को कैंसर का खतरा

फुकुशिमा के सफाईकर्मियों को कैंसर का खतरा

टोक्यो. 20 जून 2013

swami prasad maurya bsp


जापान में दो साल पहले आए भूकंप व सुनामी के कारण क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा परमाणु बिजली संयंत्र के सफाई अभियान में लगे बीस हज़ार कर्मचारियों में से 10 प्रतिशत कर्मचारियों पर थायरॉयड कैंसर का खतरा बढ़ गया है. ये कर्मचारी सफाई कार्य करते हुए पर्याप्त रूप से विकिरण की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण उनमें थायरॉयड कैंसर का खतरा बढ़ा है.

समाचार एजेंसी ईएफई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयंत्र का संचालन करने वाली, टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी (टेपको) ने मार्च 2011 में आई आपदा के बाद फुकुशिमा के दायची केंद्र में कार्यरत करीब 19,592 कर्मचारियों का परीक्षण किया.

परीक्षण में करीब 1,973 कर्मचारियों में 100 मिलीसिवर्ट विकिरण पाया गया, जो कि इंटरनेशनल कमीशन ऑन रेडियोलॉजिकल प्रोटेक्शन के अनुसार विकिरण का खतरनाक स्तर है, हालांकि कंपनी ने शुरु में कहा था कि सिर्फ 178 कर्मचारियों में 100 मिलीसिवर्ट विकिरण है.

अब टेपको ने कहा है कि उसने फुकुशिमा के एक संयंत्र से 'गैस जैसा भाप' निकलते देखा है, लेकिन विकिरण के स्तर में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं देखा गया. गौरतलब है कि अभी भी फुकुशिमा परमाणु बिजली संयंत्र को पूरी तरह नष्ट करने के काम में करीब 3,500 कर्मचारी लगे हैं. माना जा रहा है इस काम में कम से कम 40 साल लगेंगे.