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सेन के भारत रत्न पर बयानबाज़ी तेज

सेन के भारत रत्न पर बयानबाज़ी तेज

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2013

amartya sen


भाजपा सांसद चंदन मित्रा की नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन से भारत रत्न छीनने की बात पर देश की सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बयान का कड़ा विरोध करते हुए भाजपा से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. कांग्रेस ने इसे असहिष्णुता की हद बताते हुए पूछा है कि क्या भाजपा के सांसद हर व्यक्ति के मौलिक अधिकार अभिव्यक्ति की आज़ादी में विश्वास रखते हैं या नहीं?

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा पर जमकर बरसते हुए कहा कि ऐसी मांग करना बोलने की आजादी पर बड़ा प्रहार है. यह फासीवाद नहीं तो और क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि ये भाजपा की दुर्भाग्यपूर्ण मानसिकता है कि जो लोग हमारे साथ नहीं है वह हमारे खिलाफ है उन्होंने कहा कि कल के दिन तो ये नोबेल पुरस्कार छीनने की भी मांग करेंगे.

उधर कल तक मुंबई के अदिति रेस्तरां मामले पर कांग्रेस को सहिष्णुता की सीख देती आ रही भाजपा ने मुद्दे पर बढ़ते विवाद को देखते हुए मित्रा के बयान से किनारा कर लिया है. पार्टी ने कहा है कि भारत रत्न के ऊपर विवाद करना ठीक नहीं है.

उल्लेखनीय है कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने का विरोध करने वाली अमर्त्य सेन की टिप्पणी से बिफरी भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद चंदन मित्रा ने ट्वीट कर कहा था कि एनडीए की अगली सरकार को अमर्त्य सेन का भारत रत्न छीन लेना चाहिए. यहीं नहीं उन्होंने अगले ट्वीटों में कहा था कि 'डॉ. सेन कृपया करके आप अपनी अवांछित टिप्पणी भारत पर न थोपें. हम सभी आपको गुजरे जमाने के अर्थशास्त्री के तौर पर जानते हैं जो इन दिनों अपनी आजीविका के लिए कांग्रेस की विचारधारा बेचता है.'


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