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मौसम की सटीक जानकारी देगा इनसेट-3डी

मौसम की सटीक जानकारी देगा इनसेट-3डी

नई दिल्ली. 25 जुलाई 2013

ISRO


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) द्वारा देश का अत्याधुनिक मौसम उपग्रह इनसैट-3डी प्रशांत तट से फ्रेंच गुयाना के कौरू से एरियन-5 प्रक्षेपण यान के जरिए गुरुवार देर रात भारतीय समयानुसार 1.24 बजे प्रक्षेपित किया गया. उपप्रणालियों की प्रारंभिक जांच में अंतरिक्ष यान की स्थिति संतोषजनक पाई गई थी. इस उपग्रह की मदद से मौसम की ज्यादा सटीक जानकारियां जुटाई जा सकेंगी.

इसरो ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, "कौरू स्थित यूरोपियन एरियनस्पेस अंतरिक्ष केंद्र से देर रात 1.24 बजे सफल उड़ान भरने के बाद दो टन भार वाला आधुनिक मौसम उपग्रह 32 मिनट बाद धरती से 36,000 किलोमीटर दूर जियोसिंक्रोनस स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित हो गया."

इसरो के बयान के मुताबिक, "उपग्रह का सौर पैनल, रॉकेट के ऊपरी क्रायोजेनिक सतह से अलग होने के बाद स्वत: तत्काल फैल गया और हासन स्थित हमारे मुख्य नियंत्रण केंद्र ने इसकी अगली गतिविधि के लिए इस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया." उपग्रह का निरीक्षण करने वाला उपकरण अगस्त के दूसरे सप्ताह में काम करना शुरू करेगा.

अंतरिक्ष यान के साथ गए चार उपकरणों में इमेजर, साउंडर, डाटा रिले ट्रांसपोंडर और सैटेलाइट एडेड सर्च एंड रेस्क्यू शामिल हैं. छह चैनल वाला इमेजर धरती पर मौसम की तस्वीरें ले सकता है और इसकी तस्वीरों में कल्पना-1 और इनसैट-3 ए (भारतीय भूस्थैतिक उपग्रह) से सुधारा देखा जाएगा.

डाटा रिले ट्रांसपोंडर मौसम विज्ञान, जलीय और समुद्रीय मानदण्डों को प्राप्त करता है, जिसे निर्जन स्थान में स्थित स्वत: आंकड़े इक्कट्ठे करने वाले केंद्र से भेजा जाता है. इसरो, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ मिल कर उपग्रह के आंकड़े और मौसम विज्ञान के मानकों के स्रोतों का संस्करण करेगा.


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