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तेलंगाना राज्य को हरी झंडी मिली

तेलंगाना राज्य को हरी झंडी मिली

नई दिल्ली. 30 जुलाई 2013

तेलंगाना


यूपीए समन्वय समिति और कांग्रेस कार्यसमिति दोनों की सहमति मिलने के बाद पृथक तेलंगाना राज्य का गठन होना तय हो गया है. कांग्रेस मीडिया सेल प्रमुख अजय माकन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहले यूपीए की समन्वय समिति में इस राज्य के गठन पर सहमति बनी और फिर कांग्रेस कार्यसमिति में भी सर्वसम्मति से इसका फैसला ले लिया गया.

इस प्रकार आंध्र प्रदेश को विभाजित कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का रास्ता साफ हो गया है. अब तेलंगाना देश का 29वां राज्य होगा और हैदराबाद अगले दस साल तक तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी होगा. इसके बाद तटीय आंध्र में नई राजधानी बनाई जाएगी जिसके बाद हैदराबाद सिर्फ तेलंगाना की राजधानी ही रहेगा.

नए राज्य के गठन में अभी 200-250 दिनों का समय लग सकता है क्योंकि इसका प्रस्ताव पहले कैबिनेट के बाद गृहमंत्रालय और फिर राष्ट्रपति और फिर आंध्र राज्य विधानसभा के पास भेजा जाएगा. जहां से पारित होने के बाद इसे लोकसभा और राज्यसभा आम बहुमत से पारित कराने की जरूरत है.

राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों में ही कांग्रेस की सरकारें बनेंगी. इस कदम को कांग्रेस की आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी से जोड़ कर देखा जा रहा है क्योंकि माना जा रहा था कि अगर कांग्रेस तेलंगाना के मुद्दे पर अब फैसला नहीं लेती तो उसे चुनावों में इस इलाके से वोटों का काफी नुकसान होता.

वैसे इस घोषणा के बाद से ही तेलंगाना इलाके में खुशी का माहौल है. सबसे ज्यादा खुशी उस्मानिया विश्वविद्यालय जिसकी पृथक तेलंगाना के आंदोलन में महती भूमिका रही है, में देखी गई.