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राडिया टेप मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

राडिया टेप मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली. 1 अगस्त 2013

नीरा राडिया


उच्चतम न्यायालय ने कॉर्पोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के औद्योगिक घरानों के प्रमुखों, नेताओं और दूसरे व्यक्तियों की टैप की गई बातचीत के पाँच साल होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताई है. न्यायालय ने आयकर विभाग से पूछा है कि क्या उसने नीरा राडिया के टेलीफोन टेप किए जाने का आदेश वाले प्राधिकार को बातचीत की संवेदनशीलता एवं गंभीर प्रकृति के बारे में जानकारी दी?

सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा कि क्या आयकर विभाग ने बातचीत से सामने आए कुछ मामलों की आपराधिक प्रवृत्ति के बारे में सीबीआई को सूचित किया था?

न्यायालय ने फोन टेप किए जाने की मंजूरी देने वाले आदेश के मूल दस्तावेज की भी मांग की, जिसके तहत 5,000 घंटों से अधिक की बातचीत रिकॉर्ड की गई थी. अतिरिक्त महाधिवक्ता ए. एस. चंडोक ने न्यायालय में बताया कि राडिया के टेप का खुलासा किसी भी व्यक्ति या हर किसी के समक्ष नहीं किया जा सकता. इन्हें केवल आयकर विभाग के अधिकारियों के समक्ष ही जाहिर किया जा सकता है. इससे पहले न्यायालय ने बुधवार को राडिया टेपों की कुछ सामग्री को असहज करने वाला बताया था.

उल्लेखनीय है कि टेलीकॉम घोटाले में नाम आने के बाद पहली बार नीरा राडिया चर्चा में आई थीं, जब सैकड़ों की संख्या में उनके टेप सामने आये थे, जिससे यह साबित हुआ था कि किस तरह भारत में कारपोरेट कंपनियां सरकार बनाने-बिगाड़ने का काम करती हैं.

मामले में सीबीआई ने हालांकि नीरा राडिया पर कोई आरोप नहीं लगाया था लेकिन प्रवर्तन निदेशालय को शक था कि नीरा और उनकी बहन की पांच कंपनियां काले धन को सफेद करने में लगी हुई हैं.


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