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दुर्गा नागपाल का होगा निलंबन वापस

दुर्गा नागपाल का होगा निलंबन वापस

लखनऊ. 3 अगस्त 2013

दुर्गा शक्ति नागपाल


हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुये माना जा रहा है कि उत्तरप्रदेश सरकार आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन वापस ले सकती है. इस मामले में एक के बाद एक नये राज सामने आ रहे हैं. टीवी चैनलों के स्टिंग ऑपरेशन में भी यह बात साफ हो गई है कि दुर्गा को खनन माफिया के चक्कर में हटाया गया है. दिक्कत ये है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसे अपनी नाक का प्रश्न बना चुके हैं.

इससे पहले उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के डीएम की एक रिपोर्ट ने भी राज्य की अखिलेश यादव सरकार के झूठ की पोल खोल दी थी. रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि धर्मस्थल की जिस विवादित दीवार को गिराने के आरोप में जिले की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित किया गया था वह उसने नहीं बल्कि गांव वालों ने गिराई थी.

यूपी सरकार को डीएम द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव में किसी भी प्रकार का तनाव नहीं है. जबकि अखिलेश सरकार द्वारा कहा गया था कि धर्मस्थल की दीवार गिराने ने इलाके में तनाव है और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने के खतरा बढ़ गया है इसीलिए नागपाल को हटाने का फैसला लिया गया था.

डीएम की इस रिपोर्ट के बाद राज्य भाजपा ने अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह अब साफ हो गया है कि यूपी में हालात अब बद से भी बदतर हो रहे हैं और आईएएस दुर्गा का निलंबन माफिया के दबाव में लिया गया था. भाजपा ने शिवपाल यादव को पूरे मामले की लीपापोती करने का आरोपी ठहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश भी इन माफियाओं के दवाब में आ गए हैं.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले नोएडा में खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने वाली आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल को राज्य सरकार ने गत शनिवार को निलंबित कर दिया था जिसके बाद से अखिलेश सरकार को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी है और उनके निलंबन को वापस लिए जाने की मागं हो रही है. हालांकि राज्य सरकार अपने निर्णय पर अड़ी हुई है.

शुक्रवार को जब हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई तो अखिलेश फिर अड गये. लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरीके से अखिलेश के मातहत लोगों की पोल इस मामले में खुली है, उससे सरकार की लोकप्रियता तो प्रभावित हुई ही है, उनकी थुक्का-फजीहत हो रही है सो अलग. ऐसे में अखिलेश कोई बीच का रास्ता भी निकाल सकते हैं.


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