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हिंसा का शिकार रोशनी अब भी आईसीयू में

हिंसा का शिकार रोशनी अब भी आईसीयू में

नई दिल्ली. 4 अगस्त 2013

रोशनी


जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्रा रोशनी एक सहपाठी द्वारा किए गए हमले से गंभीर रूप से घायल होने के चार दिन बाद भी आईसीयू में है, लेकिन उसकी सेहत में सुधार हो रहा है. सफदरगंज अस्पताल के एक चिकित्सक ने रविवार को यह जानकारी दी.

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक बी.डी. अथानी ने आईएएनएस को बताया, "उसकी हालत स्थिर है और वह ठीक स्थिति में है. वह अभी भी आईसीयू (गहन चिकित्सा ईकाई) में हैं."

हमले के कारण रोशनी की खोपड़ी में गहरी चोटें आई हैं, जिसके कारण उसके मस्तिष्क में बड़ा थक्का जम गया है. उसकी कलाई बुरी तरह कटी हुई थी.

अथानी ने बताया, "उसके घावों की जांच करके मरहम पट्टी की गई. उसके शरीर के अंगों की हरकतों पर भी नजर रखी जा रही है." उन्होंने कहा कि उसके घाव दूषित हो गए थे और यह चिंता का एक कारण है. लेकिन अभी तक खतरे का कोई संकेत नहीं है.

बुधवार को जेनएनयू की एक कक्षा में छात्रा से एकतरफा प्यार करने वाले सहपाठी आकाश ने उस पर कुल्हाड़ी से क्रूरतापूर्वक प्रहार किया था. इसके बाद आकाश ने जहरीला पदार्थ खाकर अपना गला रेत लिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी.

रोशनी बिहार के मुजफ्फरनगर के एक व्यवसाई की छोटी बेटी है. बिहार से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली आई थी.

गुरुवार को रोशनी के भाई सुधीर गुप्ता ने कहा कि उसकी बहन का आकाश के साथ कभी कोई प्रेम प्रसंग नहीं था. लेकिन आकाश लंबे समय से उसके पीछे पड़ा हुआ था.

सुधीर ने कहा, "उसने (आकाश ने) कई बार मेरी बहन के सामने प्रेम प्रस्ताव रखा, लेकिन रोशनी ने हर बार इंकार कर दिया. संभवत: इसी इंकार के कारण हमला और आत्महत्या की यह घटना घटी है." गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन बहुत मेधावी है, पिछली वार्षिक परीक्षा में उसने अच्छे अंक प्राप्त किए थे. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आकाश द्वारा हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई चार पन्ने की चिट्ठी का विश्लेषण किया जा रहा था.
 


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