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भारतीय सुरक्षा यंत्र बेचेगा अमरीका

भारतीय सुरक्षा यंत्र बेचेगा अमरीका

वॉशिंगटन. 4 अगस्त 2013


आतंकवाद से निपटने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित पॉकेट सिगार बॉक्स के आकार का यंत्र कारगर साबित हो सकता है. इस छोटे से यंत्र के उपयोग से विस्फोटकों का काफी आसानी से पता लग सकता है. भारत में इस किट का उपयोग सुरक्षा बल 2002 से ही कर रहे हैं.

इस यंत्र से टीएनटी, आरडीएक्स, डायनामाइट और ब्लैक पावडर आधारित विस्फोटकों की अल्प मात्रा की भी पहचान कर ली जाती है. इसके लिए यंत्रों के ज्यादा तामझाम की भी कोई जरूरत नहीं होती है. पॉकेट के आकार के अतिरिक्त यह यंत्र बम निरोधक दस्तों के लिए अधिक बड़े आकार के साथ भी उपलब्ध है.

अब इस एक्सप्लोसिव डिटेक्शन किट (ईडीके) का उत्पादन और प्रयोग अमेरिका में होने की पूरी तैयारी है. भारत और अमरीका के बीच तकनीक हस्तांतरण योजना के तहत एक समझौते के अनुसार कैरोलिना स्थित क्रोव एंड कंपनी लिमिटेड इस किट का उत्पादन और बिक्री करेगी.

कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ फे क्रोव ने कहा, "हमारी योजना ईडीके को अमेरिकी सेना और गृह सुरक्षा विभाग से परिचित कराने की है. अमेरिकी नियामक संस्थान से आवश्यक मंजूरी के बाद इसे अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा."

डीआरडीओ अब फिक्की के साथ मिलकर अपने उत्पादों को विश्व भर में लांच करने की संभावना की ओर देख रहा है. ईडीके को अमेरिका में फिक्की ने ही लांच करने में सहयोग दिया.

अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री डेविड कोहेन के मुताबिक शीघ्र ही ऐसे प्रौद्योगिक हस्तांतरण दोनों ओर से होने लगेंगे. वहीं अमरीका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव ने कहा कि अमेरिका को भारतीय प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में एक मील का पत्थर है.


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