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सुब्रत नहीं 24000 करोड़ के देनदार: सहारा

सुब्रत नहीं 24000 करोड़ के देनदार: सहारा

नई दिल्ली. 7 अगस्त 2013

सुब्रत रॉय सहारा


सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसकी दो कंपनियों के निवेशकों को 24 हज़ार करोड़ रुपए लौटाने की जिम्मेदारी ग्रुप के मुखिया सुब्रत रॉय की नहीं है. कंपनी के वकील राम जेठमलानी ने मंगलवार को सेबी के द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान यह दलील पेश की. उन्होंने अदालत में दस्तावेज जमा कर कहा कि सहारा ग्रुप की कंपनियां तो पहले ही रकम का भुगतान कर चुकी हैं.

इसके बाद न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर की पीठ ने इनसे सवाल किया कि यह तो कंपनी द्वारा पहले जमा किए गए हलफनामे से उलट नहीं है. इसके बाद जेठमलानी ने कोर्ट से कहा कि मैं इससे इनकार नहीं करता कि वह परिवार के भीष्म पितामह (सहारा ग्रुप के हेड) हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस पेमेंट की जिम्मेदारी उन पर है.

इससे पहले सेबी की ओर से कहा गया था कि सुब्रत रॉय खुद को सिर्फ एक शेयरधारक बता कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते हैं. सेबी के वकील अरविंद दातार ने सुप्रीम कोर्ट में खंडपीठ से कहा था कि सहारा समूह की दो रियल एस्टेट कंपनियों ने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के तीन अदालती आदेशों की अवहेलना की. इन कंपनियों के प्रमोटर रहते हुए सुब्रत राय अदालती आदेश की अवहेलना करने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते हैं.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट दो सहारा रियल एस्टेट कंपनियों - सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्प और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉर्प और सुब्रत राय सहित उनके निदेशकों के विरुद्ध अदालत के 31 अगस्त 2012, पांच दिसंबर 2012 और 25 फरवरी के आदेशों का पालन नहीं करने के लिए सेबी द्वारा दाखिल की गई अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही है.


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