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लोकसभा में खाद्य सुरक्षा विधेयक पेश

लोकसभा में खाद्य सुरक्षा विधेयक पेश

नई दिल्ली. 7 अगस्त 2013

खाद्य सुरक्षा


यूपीए सरकार का महत्वकांक्षी खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में भारी हंगामे के बीच बुधवार को पेश कर दिया गया. चार राज्यों के विधानसभा चुनावों और आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र ये विधेयक कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यूपीए सरकार के इस विधेयक में देश की तीन-चौथाई आबादी को बेहद सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के प्रावधान है.

केंद्रीय खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री केवी थॉमस ने इस संबंध में 5 जुलाई को जारी किए गए अध्यादेश और पूर्व में पेश किए गए विधेयक को वापस लेते हुए नया विधेयक पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस विधेयक से न तो संघीय ढांचे का और न ही राज्यों के अधिकारों का हनन होगा.

इससे पहले तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी एआईएडीएमके ने इस विधेयक को खाद्य असुरक्षा विधेयक बताते हुए इसका विरोध किया. उसने कहा है कि इससे तमिलनाडु जैसे उन राज्यों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा जहां खाद्य सुरक्षा गारंटी पहले ही लागू है. पार्टी ने बिल के विरोध में एक प्रस्ताव भी सदन में पेश किया है. कांग्रेस के मुख्य सहयोगी दल समाजवादी पार्टी ने भी बिल को किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया है.

वहीं यूपीए सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2013 से देश की 80 करोड़ आबादी को प्रति माह एक से तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम खाद्यान्न का अधिकार मिलेगा. अब इस विधेयक पर संसद में अगले हफ्ते चर्चा होगी.

उधर दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस बिल के विरोध में दायर की गई जनहित याचिका को खारिज कर दिया है. इस याचिका में कहा गया था कि केंद्र की यूपीए सरकार राजनीति से प्रेरित होकर चुनाव से पहले गरीबों के लिए खाद्यान्न योजना शुरू करने जा रही है.
 


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