पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

खेमका की रिपोर्ट में वाड्रा का फर्जीवाड़ा

खेमका की रिपोर्ट में वाड्रा का फर्जीवाड़ा

चंडीगढ़. 10 अगस्त 2013

राबर्ट वाड्रा


आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की एक रिपोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है. खेमका ने वाड्रा की लैंड डील का म्यूटेशन रद्द किया था जिसके बाद हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2012 में वाड्रा-डीएलएफ डील की जाँच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया था. खेमका ने अब इस कमिटी को सौ पन्नों की अपनी जवाबी रिपोर्ट भेजी है.

खेमका की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वाड्रा ने शिकोहपुर गांव की 3.53 एकड़ जमीन की डील फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की थी और इस जमीन के लिए कोई कीमत नहीं चुकाई गई.

इस रिपोर्ट में खेमका ने कहा है कि इस सौदे में हरियाणा के नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने बिचौलिये की तरह काम किया और नियमों को ताक पर रखकर वाड्रा की इसमें मदद की थी. उसने एक महीने से भी कम समय में इस जमीन के लिए कमर्शियल कॉलोनी का लाइसेंस उपलब्ध करा दिया.

इसके बाद वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने इस जमीन को 58 करोड़ में डीएलएफ के बेच दिया. रिपोर्ट में इस सौदे की सेल डीड में 7.5 करोड़ रुपये के चेक का जिक्र है जिसका नंबर ही फर्जी था. रिपोर्ट के अनुसार इस प्रकार डीएलएफ को ये जमीन बाज़ार भाव से बहुत कम दाम में प्राप्त हो गई और हरियाणा सरकार को राजस्व की भारी हानि हुई.

उल्लेखनीय है कि इस मामले पर हरियाणा सरकार पहले ही वाड्रा को क्लीनचिट दे चुकी हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में वाड्रा के खिलाफ अनियमितताओं के आरोपों को झूठा और अफवाह पर आधारित बताया था लेकिन अब खेमका की इस रिपोर्ट के आने के बाद मामले में फिर से बवाल मचना तय हो गया है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in