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किश्तवाड़ पर गरमाई सियासत

किश्तवाड़ पर गरमाई सियासत

श्रीनगर. 11 अगस्त 2013


जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में शुक्रवार से फैले सांप्रदायिक तनाव पर सियासी माहौल गर्मा गया है. राज्य के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी अगले साल होने वाले संसदीय और विधानसभा चुनावों में धुर्वीकरण करने के मकसद से 2008 जैसे हालात पैदा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा है कि वे इन राजनीतिक दलों को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे.

इससे पहले रविवार सुबह भाजपा नेता अरुण जेटली और कुछ अन्य नेताओं को हिंसाग्रस्त किश्तवाड़ इलाके में जाने से राज्य सरकार द्वारा रोक दिया गया था जिसको लेकर भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने अबदुल्ला सरकार की कड़ी आलोचना की थी और इसे अलोकतांत्रकि बताया था और कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह रोके जाने से लगता है कि सरकार किश्तवाड़ हिंसा के बारे में सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहती है.

इस पर अबदुल्ला ने अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोकने के फैसले को सही ठहराया था और प्रश्न किया कि या वह देश के ऐसे दूसरे क्षेत्रों में गए हैं, जहां इस तरह की स्थिति पैदा हुई हो. सिर्फ जम्मू एवं कश्मीर और खास तौर से जम्मू क्षेत्र में ही क्यों? कश्मीर में जब शिया-सुन्नी टकराव हुआ था, तो क्या वे यहां आए थे?"

उन्होंने यह भी कहा, "यदि आप सहायता करने के लिए आएं, तो मैं आपकी भूमिका के लिए काफी उदारता दिखाऊंगा. 2008 और 2010 में उनकी भूमिका से स्पष्ट हो गया है कि वे स्थिति का फायदा राजनीति स्वार्थ साधने में उठाते हैं."

उधर राज्य के कई और हिस्से सांप्रदायिक तनाव के चपेट में आ गए हैं. रविवार को जम्मू एवं राजौरी कस्बों में सांप्रदायिक हिंसा बढ़ने से रोकने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है और सेना तैनात कर दी गई है. अमरनाथ यात्रा भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है. इसके अलावा एहतियातन तौर पर स्थानीय चैनलों की प्रसारण रोक दिया गया है और मोबाइल पर इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी गई है.


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