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राजनीतिक दलों को आरटीआई से दूर रखने बिल

राजनीतिक दलों को आरटीआई से दूर रखने बिल

नई दिल्ली. 12 अगस्त 2013

आरटीआई


यूपीए सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में संशोधन करने से संबंधित एक विधेयक लोकसभा में पेश किया है. विधेयक में प्रस्तावित संशोधन के जरिए राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर हो जाएंगे. केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने लोकसभा में सोमवार को ये विधेयक पेश किया.

वैसे अधिकांश राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे में आने के विरोध में हैं जिसके चलते माना जा रहा है कि सरकार को इस विधेयक को पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं होगी.

यह मुद्दा तब से सुर्खियों में है, जब केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने तीन जून को आदेश दिया कि छह राजनीतिक दल आरटीआई अधिनियम के दायरे में होंगे, क्योंकि वे सार्वजनिक प्राधिकरण हैं, और सरकार से पर्याप्त मात्रा में फंड प्राप्त करते हैं. सीआईसी के इस आदेश का राजनीतिक दलों ने पुरजोर विरोध किया था.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो अगस्त को ही संशोधनों को मंजूरी दे दी थी. संशोधनों का बचाव करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने उस समय कहा था कि यदि सीआईसी के आदेश का क्रियान्वयन हुआ तो कोई भी राजनीतिक दल काम नहीं कर पाएगा.


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