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चारा घोटाले में लालू की याचिका खारिज

चारा घोटाले में लालू की याचिका खारिज

नई दिल्ली. 13 अगस्त 2013

लालू यादव


सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को करारा झटका दिया है. मंगलवार को न्यायालय ने लालू की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने बिहार में हुए चारा घोटाले में अपने खिलाफ सुनवाई किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग यह कहते हुए की थी कि निचली अदालत के न्यायाधीश उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी के रिश्तेदार हैं इसीलिए वे उनले पक्षपात कर सकते हैं.

इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने निचली अदालत को यथासंभव जल्द से जल्द मामले की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को अपनी बहस पूरी करने के लिए अतिरिक्त पांच दिन और आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिन का समय भी दिया है.

न्यायालय ने कहा कि निचली अदालत, सर्वोच्च न्यायालय और रांची उच्च न्यायालय ने जो कुछ कहा है उससे प्रभावित हुए बगैर अपना फैसला सुनाएगी. उसने यह भी कहा कि लालू प्रसाद जिस न्यायाधीश को बदलने की मांग कर रहे हैं, वह 2011 से ही मामले की सुनवाई कर रहे हैं.

इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने पूर्वाग्रह से ग्रस्त सुनवाई होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि निचली अदालत के न्यायाधीश की बहन की शादी उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बिहार के मंत्री पी. के. शाही से हुई है. उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को बदलने की मांग की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया.

बिहार में करोड़ों रुपए का चारा घोटाला 1996 में सामने आया था जिसमें तात्कालिक मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर आरोप हैं. नवंबर 2000 में झारखंड के अलग होने के दौरान 61 में से 54 मामले झारखंड स्थानांतरित कर दिए गए थे. केन्द्रीय जांच ब्यूरो की अलग-अलग विशेष अदालतें 43 से ज्यादा मामलों पर फैसला सुना चुकी हैं.


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