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हेलिकॉप्टर सौदे में जमकर धांधली: कैग

हेलिकॉप्टर सौदे में जमकर धांधली: कैग

नई दिल्ली. 13 अगस्त 2013

अगस्ता वेस्टलैंड


अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक (सीएजी) की संसद में पेश की गई ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि सौदे में नियमों की अनदेखी की गई है जिससे देश को घाटा हुआ है. पूरे सौदे पर कई सवाल उठाती इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सौदे के दौरान हेलीकॉप्टरों की कीमत ज्यादा दिखाई गई जिससे आर्थिक नुकसान हुआ है.

इस रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि सरकार कई बार साल 2006 के रक्षा मंत्रालय के नियमों को अनदेखा कर रही है. रिपोर्ट कहती है कि डिफेंस प्रोक्यूरमेंट पॉलिसी (रक्षा खरीद की नीति) द्वारा 2006 में हेलीकॉप्टरों की कीमतों को तय करने के लिए गाइडलाइन बनाई गई थी लेकिन इनका पालन सौदे में नहीं हुआ. इस सौदे की रकम 4871.5 करोड़ रुपये तय की गई जो कि गाइडलाइन के हिसाब से बहुत ज्यादा थी.

उल्लेखनीय है कि 2010 में इटली के फिनमेकेनिका कंपनी से 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीदने का समझौता हुआ था. इस सौदे की कीमत करीब 3,546 करोड़ रुपये थी. इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल राष्ट्रपति समेत कई वीवीआईपी लोगों के लिए होना था. इटली पुलिस के मुताबिक, इस सौदे के लिए करीब 350 करोड़ रुपये की रकम इटली और भारत के लोगों को रिश्वत के तौर पर दी गई जो सौदे की कुल कीमत का करीब 10 प्रतिशत है.

इस मामले के उजागर होने के बाद रक्षा मंत्री एंटनी ने सौदे की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. इस डील की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भी कर रही है.