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एग्जिट पोल में भाजपा-कांग्रेस सत्ता से बाहर

एग्जिट पोल में भाजपा-कांग्रेस सत्ता से बाहर

नई दिल्ली. 16 अगस्त 2013

एक्जिट पोल


इंडिया टुडे-सी वोटर ओपिनियन पोल में मनमोहन सिंह की यूपीए को भारी नुकसान की आशंका जताई गई है. इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि आज के हालात में यूपीए को पिछले चुनाव में हासिल 259 के मुकाबले 137 सीटें मिलेंगी और उसे 122 सीटों को नुकसान होगा. इसी तरह एनडीए को अब 155 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि 2009 में उन्हें 159 सीटें मिली थीं.

इस सर्वेक्षण के अनुसार दोनों गठबंधनों में कांग्रेस को 121 सीटें मिलेंगी और 85 सीटों का नुकसान होगा तो भाजपा को 130 सीटें मिलेंगी और वह 14 सीटों का लाभ पाएगी. समाजवादी पार्टी को 34 सीटें मिल सकती हैं. अन्य दलों को 251 सीटें मिलने का अनुमान है. यदि ऐसा होता है तो समाजवादी पार्टी चीफ मुलायम सिंह की अहम भूमिका रह सकती है.

देश के 28 राज्यों में इंडिया टुडे ग्रुप और सी-वोटर की ओर से यह सर्वेक्षण किया गया था. 2 अगस्त 2013 से लेकर 10 अगस्त 2013 तक 15 हजार 815 सैंपल लिए गए. इनके आधार पर पूरे आंकड़े तैयार किया गए. दावा किया गया है कि इस सर्वेक्षण में गलती की संभावना 3 प्रतिशत कम या ज्यादा हो सकती है.

इस सर्वेक्षण में इसके अलावा राज्यों में भी भारी उलटफेर के संकेत दिये गये हैं. छत्तीसगढ़ में आज की हालत में नवंबर 2013 में संभावित विधानसभा चुनाव में 90 में से कांग्रेस 4 सीटों की बढ़त के साथ कुल 42 सीटें पायेगी, जबकि भाजपा को 5 सीटों का नुकसान हो सकता है और वह 45 सीटों पर आ जायेगी. इसी तरह बसपा को 2 सीटें मिल सकती हैं.

शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में एक बार फिर से सरकार बनायेंगे. ये और बात है कि उन्हें 21 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है और वह 21 सीटें कांग्रेस के पाले में जा रही हैं. फिर भी भाजपा को 122 सीटें मिलने की संभावना है. कुल सीटें 230 हैं.
गौरतलब है कि कांग्रेस को 2008 में 71 सीटों पर जीत मिली थी तो इस पोल में 92 सीटें मिल रही हैं. भाजपा को 2008 में 143 की बजाय अब 122 सीटें मिल रही हैं.

राजस्थान में कांग्रेस विदा हो सकती है. 200 सीटों वाले राजस्थान में वसुंधरा राजे को पिछली बार से 19 सीटें अधिक मिलेंगी और भाजपा का आंकड़ा 97 तक पहुंच जायेगा. कांग्रेस को यहां 17 सीटों का नुकसान होगा और कांग्रेस 79 पर पहुंच जायेगी. राजस्थान में बसपा को भी 5 सीटें मिलेंगी. अन्य 19 निर्दलीय या क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों को विधानसभा में पहुंचने की उम्मीद इस सर्वेक्षण में की गई है.

इसी तरह 70 विधानसभा सीटों वाली दिल्ली में शीला दीक्षित को 2008 की 43 सीटों के मुकाबले केवल 28 सीटें मिलेंगी, वहीं अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 9 सीटों पर कब्जा कर सकती है. पिछली विधानसभा में 23 सीट पाने वाली भाजपा को इस बार 5 सीटों का लाभ होगा और वह 28 तक पहुंच सकती है.

हालांकि इस सर्वेक्षण को लेकर कोई भी राजनीतिक दल प्रतिक्रिया देने से बच रहा है क्योंकि दोनों ही बड़ी पार्टियों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की बात को इस सर्वेक्षण ने लगभग खारिज ही किया है.


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