पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाड्रा के खिलाफ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाड्रा के खिलाफ याचिका खारिज

लखनऊ. 19 अगस्त 2013

रॉबर्ट वाड्रा


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र सरकार के स्तर पर डीएलएफ समूह की मदद कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लाभ पहुंचाए जाने के आरोपों की जांच कराए जाने सम्बंधित रिट याचिका खारिज कर दी है. याचिका लखनऊ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की तरफ से दायर की गई थी.

याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश शिव कीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति डी़ क़े उपाध्याय की पीठ ने कहा कि चूंकि इस मामले में पूर्व में ही उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका खारिज कर दी गई, अत: दोबारा सुनवाई का औचित्य नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि यह याचिका विचार योग्य नहीं है क्योंकि याची का इसके सम्बन्ध में कोई क्षेत्राधिकार नहीं है.

उल्लेखनीय है कि नूतन ठाकुर ने 9 अक्टूबर 2012 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को इन आरोपों के सम्बन्ध में जांच कराने के लिए प्रत्यावेदन दिया था जिस पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में रिट याचिका दायर की जो 3 मार्च 2013 को निस्तारित कर दी गई.

ठाकुर को पीएमओ द्वारा सूचना के अधिकार(आरटीआई) में बताया गया कि उनका प्रत्यावेदन कार्यवाही हेतु विधि मंत्रालय भेजा गया है जिस पर ठाकुर ने 22 मार्च 2013 को विधि मंत्रालय को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की. इसके बाद भी पीएमओ और विधि मंत्रालय के स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई और इनके द्वारा आरटीआई में सूचना दिए जाने से भी लगातार इंकार किया जाता रहा.

ऐसे में ठाकुर ने वाड्रा के खिलाफ आरोपों की जांच करा कर कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिए याचिका दायर कर उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in