पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

खाद्य सुरक्षा बिल पर लोकसभा में चर्चा

खाद्य सुरक्षा बिल पर लोकसभा में चर्चा

नई दिल्ली. 26 अगस्त 2013

खाद्य सुरक्षा बिल


यूपीए सरकार की महत्वकांक्षी योजना खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरु हो गई. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस पर कहा कि यह ऐतिहासिक कदम उठाने का समय है और भले ही इसके लिए साधन हो न हो हमें यह करना होगा. उन्होंने कहा कि मेरी सभी से उत्साहपूर्ण अपील है कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें.

सोनिया ने कहा कि हम रचनात्मक आलोचना पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन मतभेदों से ऊपर उठकर इस ऐतिहासिक बिल को पारित करें. उन्होंने बिल के लिए कांग्रेस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कांग्रेस ने लोगों से खाद्य सुरक्षा कानून का वायदा किया था और हम अपना वायदा निभा रहे हैं.

सोनिया ने कहा कि इससे न सिर्फ गरीब तबके के लोगों को बल्कि किसानों को भी बहुत फायदा होगा रही बात धन जुटाने की तो यह एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण योजना है और इसके लिए धन जुटाया ही जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकारा कि इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और मध्याह्न भोजन और अंत्योदय योजना जो कि इसी का हिस्सा हैं, को सुधारना होगा.

उधर चर्चा के दौरान समाजवादी प्रमुख मुलायम ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह केंद्र की खाद्य सुरक्षा नहीं वोट गारंटी स्कीम है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को खाद्य सुरक्षा बिल लाने से पहले मुख्यमंत्रियों को बुलाकर उनकी राय लेनी चाहिए थी. इसके अलावा जयललिता नीत एआईएडीएमके ने भी बिल का विरोध किया है.

उल्लेखनीय है कि यूपीए के अनुसार खाद्य सुरक्षा बिल का उद्देश्य देश की 1.2 अरब जनसंख्या के करीब 80 करोड़ लोगों यानी 67 प्रतिशत आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है. इस विधेयक से सरकार पर करीब 124,723 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने वाला है.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in