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खाद्य सुरक्षा बिल पर लोकसभा में चर्चा

खाद्य सुरक्षा बिल पर लोकसभा में चर्चा

नई दिल्ली. 26 अगस्त 2013

खाद्य सुरक्षा बिल


यूपीए सरकार की महत्वकांक्षी योजना खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरु हो गई. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस पर कहा कि यह ऐतिहासिक कदम उठाने का समय है और भले ही इसके लिए साधन हो न हो हमें यह करना होगा. उन्होंने कहा कि मेरी सभी से उत्साहपूर्ण अपील है कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें.

सोनिया ने कहा कि हम रचनात्मक आलोचना पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन मतभेदों से ऊपर उठकर इस ऐतिहासिक बिल को पारित करें. उन्होंने बिल के लिए कांग्रेस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कांग्रेस ने लोगों से खाद्य सुरक्षा कानून का वायदा किया था और हम अपना वायदा निभा रहे हैं.

सोनिया ने कहा कि इससे न सिर्फ गरीब तबके के लोगों को बल्कि किसानों को भी बहुत फायदा होगा रही बात धन जुटाने की तो यह एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण योजना है और इसके लिए धन जुटाया ही जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकारा कि इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और मध्याह्न भोजन और अंत्योदय योजना जो कि इसी का हिस्सा हैं, को सुधारना होगा.

उधर चर्चा के दौरान समाजवादी प्रमुख मुलायम ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह केंद्र की खाद्य सुरक्षा नहीं वोट गारंटी स्कीम है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को खाद्य सुरक्षा बिल लाने से पहले मुख्यमंत्रियों को बुलाकर उनकी राय लेनी चाहिए थी. इसके अलावा जयललिता नीत एआईएडीएमके ने भी बिल का विरोध किया है.

उल्लेखनीय है कि यूपीए के अनुसार खाद्य सुरक्षा बिल का उद्देश्य देश की 1.2 अरब जनसंख्या के करीब 80 करोड़ लोगों यानी 67 प्रतिशत आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है. इस विधेयक से सरकार पर करीब 124,723 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने वाला है.